Acidity & Teeth: जब कोई व्यक्ति एसिडिटी की समस्या से जूझ रहा होता है तो उसे पेट की परेशानी कहकर और उसकी दवा देकर टाल दिया जाता है. ऐसा होता भी है. लेकिन अगर बार-बार एसिड बनने की समस्या होने लग जाए तो इसका असर दांतों पर भी पड़ता है. क्या आप जानते थे कि दातों पर असर होने का एहसास भी नहीं होता.
कई बार मरीजों के दातों में सेंसिटिविटी की समस्या होने लगती है. चेकअफ के दौरान पता चलता है कि उन्हें दातों की कोई बीमारी नहीं हुई थी बल्कि वो लंबे समय से एसिडिटी की समस्या से परेशान थे. इस कारण उनके साथ ऐसा हो रहा था. लेकिन एसिड दातों पर कैसे फर्क डालती है. इसके बारे में जानते हैं.
एसिड कैसे दातों पर असर डालती है
दरअसल जब पेट में एसिडिटी बनती है, तो ये फूड पाइप से होते हुए मुंह तक पहुंच जाती है. यही दातों तक पहुंचता है और दातों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है. ये भी जानना जरूरी है कि ये एक ही बारी में असर नहीं डाल देता. यानी अगर कई सालों तक किसी व्यक्ति को एसिड की समस्या बनी रहती है उसके कारण असर पड़ता है. दरअसल दांत का एनामेल हमारी बॉडी का सबसे मजबूत टिश्यू होता है. लेकिन ये मजबूत टिश्यू को तब नुकसान पहुंचता है जब एसिडिटी आती है और इसे घिस देती है. शुरुआती समय में लोगों को बदलाव परेशानी नहीं दिखते. लेकिन समय के साथ यह परत कमजोर होने लगती है और लोगों को कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं.
इसपर एक स्टडी भी हुई है
इसपर एक स्टडी भी हुई है. ये स्टडी आर्काइव ऑफ ओरल बॉयोलॉजी में पब्लिश हो चुकी है. स्टडी बाइल एसिड और दातों को होने वाले नुकसान पर की गई थी. इसमें पाया गया कि जो लोग गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज की समस्या से परेशान थे. ऐसे लोगों में दातों के घिसने की समस्या देखी गई थी. वो भी उन लोगों के मुकाबले तेजी से जो हेल्दी थे. आंकड़ा बताता है कि हेल्दी लोगों में सिर्फ 7 प्रतिशत तक ये समस्या थी. लेकिन जो GERD की समस्या से ग्रसित थे उनमें ये समस्या 27 प्रतिशत तक थी.
इन लोगों को रखना चाहिए खास ख्याल
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या लंबे समय से रहती है उन लोगों को खास ख्याल रखना चाहिए. उन्हें कुछ लक्षणों का खास ख्याल रखना चाहिए. कई बार एसिडिटी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. लेकिन ऐसे लोग जब दातों के चेकअप के लिए जाते हैं, तो एक्सपर्ट्स उन्हें GERD टेस्ट की सलाह देते हैं. क्योंकि दातों पर एसिड इरोजन के निशान देखे जाते हैं. इसका मतलब है कि कई बार दांतों की समस्या भी पेट की बीमारी का पहला संकेत बन सकते हैं.इसलिए लक्षणों की पहचान जरूर करें. जैसेः
- सेंसिटिविटी हो अगर ठंडा गर्म खाएं
- दातों का पहले के मुकाबले पीलापन हो जाना
- सामने या फिर किनारे के दात घिसे हुए लगना
- दांतों की चमक कम हो गई.
- दांतों का कमजोर या जल्दी टूटना
- चबाने से समय दिक्कत होना
बचने के लिए क्या करें?
अब आप बचने के लिए क्या कर सकते हैं? इसपर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आपको बार-बार एसिड बनने की समस्या होती है तो सिर्फ पेट का इलाज करना काफी नहीं होता है. दातों का खास ख्याल रखना चाहिए और उन्हें स्ट्रांग बनाने का तरीका अपनाना चाहिए. इसके लिए कुछ उपाय आप अपना सकते हैं. जैसेः बार-बार टूथब्रश करें, बहुत ज्यादा खट्टे, कार्बोनेटेड और शुगर वाले ड्रिंक्स न लें, खाना खाने के तुरंत बाद ही लेटने की आदतों को छोड़ें, सोने से तीन घंटे पहले खाना खाएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हर छह महीने में एक बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

