Stress And Anxiety Symptoms: अगर हम कहें कि दिमाग भी थकता है तो गलत नहीं होगा. दिमागी थकान तब होती है जब दिमाग की ऊर्जा जल्दी खत्म होने लगती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आप कमजोर हैं, बल्कि आपका दिमाग ओवरलोड हो चुका है.
आज के समय में तेजी से बदलता जीवनशैली इसका अहम कारण है. दिनोंदिन काम का प्रेशर बढ़ रहा है. जिसकी वजह से दिमागी थकान होने लगती है. पूरे दिन काम में दिमागी ऊर्जा लगाने के बाद शाम होते-होते दिमाग स्ट्रेस और एंजाइटी से भर जाता है. वहीं सोने के बाद भी दिमाग और मूड फ्रेश महसूस नहीं होता. एक समय के बाद ऐसा लगता है कि दिमाग न काम करना बंद कर दिया है. इसे ही दिमागी थकान कहते हैं.
कब होती है मेंटल थकान?
दिमाग की ऊर्जा खत्म होने, ओवरलोड होने पर मेंटल थकान होने लगती है. जब कोई इंसान काम को बार-बार टालने लगे, उसका काम करने का मन न करें या फिर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन लगे, कुछ कहने का मन न करें, आंख बंद करने का मन करें या फिर काम से भागने का मन करें तो इसे ही मेंटल थकान कहते हैं.
मेंटल थकान को दूर करने के उपाय
पर्याप्त नींद लें: मेंटल थकान को दूर करने के लिए भरपूर मात्रा में नींद लें. कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद मेंटल और इमोशनल हेल्थ के लिए जरूरी मानी गई है. सोने से पहले मोबाइल, टीवी जैसी चीजों से दूर रहें. एक समय पर सोने की आदत डालें.
काम के बीच में छोटे ब्रेक लें: अगर आप लगातार काम करने जैसा रूटीन फॉलो करते हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. हर 1-2 घंटे में 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें.
बैलेंस्ड डाइट: अगर किसी के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाए तो भी मेंटल थकान जल्दी होने लगती है. इसलिए बैलेंस्ड डाइट लें. आयरन, विटामिन B12, और मैग्नीशियम जैसे खनिज लवणों से भरपूर आहार लें.
हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से भी सुस्ती और थकान होती है. इसलिए काम के बीच-बीच में भरपूर मात्रा में पानी लेते रहें.
नियमित व्यायाम (योग व ध्यान):फिजिकल एक्टिविटी को जरूर करें. एक्टिविटी करने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होते हैं, जो मूड सुधारती है और तनाव कम करती है. 5 मिनट का ध्यान या योग मन को शांत करने में बहुत मददगार है.
स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से पहले स्क्रीन टाइम कर करें. लैपटॉप, टीवी, मोबाइल फोन से दूरी बनाकर रखें. इन गैजेट्स से नीली रोशनी निकलती है जो दिमाग को परेशान करती है. इसलिए दिमाग को शांत रखने के लिए इन गैजेट्स से दूरी बनाकर रखें.
प्रकृति के साथ समय बिताएं: मेंटल थकान को कम करने के लिए जितना हो सके नेचर के साथ समय बिताएं. हो सकें गार्डनिंग, प्लांट के साथ समय बिताएं. ताजी हवा लें. नेचर के बीच रहने से मेंटल थकान कम होती है.
जीवनशैली में बदलाव: अपनी प्राथमिकताएं तय करें, काम को डेलिगेट करना सीखें और अपनी सीमाओं को समझें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


