Affordable and accessible healthcare: उत्तराखंड ऋषिकेश में एम्स के छठवें दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. इस कार्यक्रम में खास अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल उपस्थित रहीं. उन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत का हेल्थ सेक्टर का क्षेत्र तेजी से बदला है.
उन्होंने बताया कि देश में सस्ती, सुलभ और क्वालिटी स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है और इसे मजबूती से आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि आज देश में सिर्फ स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का ही विस्तार नहीं हुआ है. इसके साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में भी शानदार प्रोग्रेस देखी गई है.
सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें
केंद्रिय मंत्री ने कहा कि हमारी कशिश यही है कि देश के 140 करोड़ नागरिकों तक सस्ती, सुलभ और हाई क्वालिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके. इसके लिए सरकार लगातार अथक प्रयास कर रही है. कार्यक्रम में मौजूद मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए केंद्री. मंत्री पटेल ने कहा कि भारत सरकार हेल्थ सेक्टर में होने वाले खर्च को निरंतर बढ़ा रही है. उन्होंने बताया कि ये खर्च अब एक लाख छह हजार करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है.
आम नागरिकों की जेब का बोझ हल्का हुआ
उन्होंने कहा कि क्योंकि सरकार निवेश को बढ़ाती जा रही है, जिसके कारण आम नागरिकों की जेब पर होने वाला खर्च का बोझ भी काफी कम हुआ है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम हेल्थ सेक्टर में एक नए विजन के साथ आगे बढ़ते जा रहे हैं. इस दिशा में इंटीग्रेटिव मेडिसिन का मॉडल एक अहम उदाहरण है. इसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक चिकित्सा के मजबूत पक्षों को एक साथ जोड़कर मरीज के संपूर्ण उपचार पर ध्यान दिया जाता है. सरकार का मकसद केवल बीमारी का इलाज करना नहीं है बल्कि मरीज की भलाई और वेलनेस का खास ख्याल रखना है.
इन बीमारियों से लड़ते हुए सरकार ने प्रगति की
केंद्रीय मंत्री बोली कि भारत ने हेल्थ सेक्टर से जुड़ी कई चुनौतियां जैसे टीबी, मलेरिया, HIV, मातृ और शिशु मृत्यु दर पर उल्लेखनीय प्रगति की है और दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि राष्ट्र डॉक्टरों के सामर्थ्य पर भरोसा करता है. उनकी ये डिग्री उन्हें समाज में पॉजिटीव बदलाव लाने की योग्यता देती है. पीएम मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में इन डॉक्टरों की भी अहम भूमिका है.
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