Ayush Anudan Portal Launched: भारत सरकार ने आयुष सेक्टर को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री प्रतापराओ जाधव ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में “आयुष अनुदान पोर्टल” लॉन्च किया. यह पोर्टल आयुष मंत्रालय द्वारा आयुष ग्रिड इनीशिएटिव के तहत तैयार किया गया है.
अब तक आयुष मंत्रालय की योजनाओं के तहत फंड या ग्रांट लेने के लिए संस्थाओं को लंबी कागज़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. आवेदन जमा करने, दस्तावेज़ रजिस्ट्रेशन, फाइल ट्रैकिंग और मंजूरी में काफी समय लगता था. कई बार फाइलें अटक जाती थीं और आवेदकों को बार-बार मंत्रालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन नए Ayush Anudan Portal के आने के बाद यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ज्यादा आसान हो जाएगी.
आखिर यह पोर्टल करेगा क्या?
यह पोर्टल उन संस्थाओं, कॉलेजों, रिसर्च सेंटर, NGOs और आयुष से जुड़े संगठनों के लिए बनाया गया है जो सरकार से किसी योजना के तहत आर्थिक सहायता या ग्रांट लेना चाहते हैं. अब वो घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की जांच, मंजूरी और फंड रिलीज तक का पूरा काम डिजिटल तरीके से होगा.
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियतें
- पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
- पहले आवेदन के लिए कागज़ी फाइलें भेजनी पड़ती थीं। अब:
- आवेदन ऑनलाइन जमा होगा
- जरूरी दस्तावेज अपलोड होंगे
- अधिकारी ऑनलाइन जांच करेंगे
- मंजूरी और मॉनिटरिंग भी डिजिटल होगी
- इससे समय और पैसा दोनों बचेंगे.
- Real-Time Tracking System
- यह इस पोर्टल का सबसे महत्वपूर्ण फीचर माना जा रहा है.
- आवेदन करने वाला व्यक्ति या संस्था यह देख सकेगी कि:
- फाइल किस अधिकारी के पास है
- आवेदन स्वीकार हुआ या नहीं
- किस स्टेज पर प्रक्रिया चल रही है
- मंजूरी मिली या नहीं
- यानि “फाइल कहां अटकी है” यह छिपा नहीं रहेगा.
- 100% Transparency और Accountability
सरकार का दावा है कि इससे ग्रांट सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा. पहले कई बार आवेदन प्रक्रिया में देरी या गड़बड़ी की शिकायतें आती थीं। लेकिन अब हर गतिविधि डिजिटल रिकॉर्ड में रहेगी. इससे:
- भ्रष्टाचार कम होगा
- जवाबदेही बढ़ेगी
- प्रक्रिया तेज होगी
- NGO Darpan Portal से Integration
यह फीचर पोर्टल को और खास बनाता है. सरकार का NGO Darpan Portal पहले से ही NGOs और संस्थाओं का डेटाबेस रखता है. Ayush Anudan Portal को उससे जोड़ दिया गया है.
इसका फायदा:
- संस्थाओं की पहचान तुरंत सत्यापित होगी
- फर्जी संस्थाओं पर रोक लगेगी
- आवेदन की विश्वसनीयता बढ़ेगी
- Verification प्रक्रिया तेज होगी
- Scheme-Wise Application Management
आयुष मंत्रालय की कई अलग-अलग योजनाएं हैं. नया पोर्टल आवेदन को योजना के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित करेगा. इससे:
- अधिकारियों को प्रोसेसिंग आसान होगी
- गलत योजना में आवेदन जाने की संभावना कम होगी
- ट्रैकिंग बेहतर होगी
- Paperless Governance
सरकार लंबे समय से “Digital India” और “Paperless Office” की बात कर रही है.
यह पोर्टल उसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि अब:
- फाइलों का ढेर कम होगा
- प्रिंटिंग और कागज़ का खर्च घटेगा
- पर्यावरण को भी फायदा होगा
Ayush Grid क्या है?
Ayush Grid सरकार की एक बड़ी डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य आयुष सेक्टर के लिए एक आधुनिक डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है. इसके तहत पहले ही कई डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए जा चुके हैं, जिनमें आयुष शिक्षा, रिसर्च, हेल्थकेयर सेवाएं, दवा नियमन, औषधीय पौधों का प्रबंधन, Capacity Building,Global Outreach जैसे क्षेत्र शामिल हैं. सरकार चाहती है कि आयुष सेक्टर भी उसी तरह डिजिटल बने जैसे बैंकिंग, रेलवे और हेल्थ सेक्टर में बदलाव हुए हैं.
मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री प्रतापराओ जाधव ने कहा कि यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Ease of Doing Business” और “Ease of Living” विजन से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि पोर्टल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता (Transparacy) बढ़ाना, काम की स्पीड तेज करना, जवाबदेही सुनिश्चित करना लोगों को आसान सुविधा देना है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह पोर्टल?
यह सिर्फ एक वेबसाइट नहीं बल्कि आयुष सेक्टर के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रांट वितरण में तेजी आएगी, संस्थाओं का भरोसा बढ़ेगा, सरकारी प्रक्रिया सरल होगी, आयुष सेक्टर में तकनीक का उपयोग बढ़ेगा और आने वाले समय में यह मॉडल दूसरे मंत्रालयों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.
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