Paschimottanasana Benefits: सरकार ने आम लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के उद्येश्य से एक विशेष अभियान चलाया है. जिसमें सरकार ने एक जरूरी जानकारी साझा की है. #Yoga365 अभियान के तहत सरकार ने नियमित रूप से पश्चिमोत्तानासन (Pashchimottanasana) करने की सलाह दी है. ये योगासन जो शरीर के मध्य भाग को एक्टिव करता है, नर्वस सिस्टम को आराम देता है.
आज की बिजी लाइफस्टाइल में अनबैलेंस्ड खान-पान के चलते लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. गैस, कब्ज, भूख न लगना और पाचन तंत्र की गड़बड़ी जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं. इसके अलावा, लंबे समय तक बैठकर काम करने से साइटिका जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही है. ऐसे में इन समस्याओं में योग सरल और प्रभावी उपाय है.
Benefits of Paschimottanasan | पश्चिमोत्तानासन के फायदे
पश्चिमोत्तानासन, जिसे बैठकर आगे झुकने की मुद्रा भी कहा जाता है. इस आसन के करने से शरीर का बीच का भाग में लचीलापन आता है. इसके करने से पेट के अंग एक्टिव होते हैं. जिस कारण व्यक्ति का पाचन तंत्र बेहतर होता है और पेट से संबंधित परेशानियों में कमी आती है. साथ ही यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और पीठ दर्द या साइटिका के लक्षणों को कम करने में मदद करता है.
Did you know that Pashchimottanasana is a gentle forward bend that activates your core, relaxes the nervous system, and supports overall internal balance.
— Ministry of Ayush (@moayush) May 3, 2026
A few mindful breaths in this pose every day can help you feel lighter, calmer, and more aligned from within?… pic.twitter.com/k2BHmnbQ7Y
ऐसे करें पश्चिमोत्तानासन | Paschimottanasana position
- ज़मीन पर योगा मैट बिछाकर बैठें और दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैला लें.
- रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें, पंजों को अपनी ओर खींचें.
- गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं और रीढ़ को लंबा करें.
- सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें.
- हाथों से पैरों के अंगूठों या टखनों को पकड़ें.
- अगर शुरुआत में अंगूठे न पकड़ पाएं, तो एड़ियों या पिंडली को पकड़ें.
- कोहनियों को ज़मीन की तरफ लाएं और सिर को धीरे-धीरे घुटनों की ओर ले जाएं.
- इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रुकें और सामान्य सांस लेते रहें.
- सांस भरते हुए धीरे से वापस बैठें और हाथों को नीचे लाएं.
बरतें सावधानी
योगासन करते समय घुटनों को बिल्कुल सीधा रखने का प्रयास करें, लेकिन जबरदस्ती न करें. कोहनी बाहर की तरफ रखें. स्लिप डिस्क, साइटिका या रीढ़ की हड्डी में गंभीर दर्द होने पर यह आसन बिल्कुल भी न करें. शुरुआत में आप घुटनों के नीचे एक पतला तकिया रख सकते हैं.
सरकार लगातार लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रही है. योग के प्रति लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दे रही है. जिससे वह लाइफस्टाइल बीमारियों से बचे रहें. योग न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है. नियमित अभ्यास करने से जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )
FAQs
1. पश्चिमोत्तानासन (Pashchimottanasana) क्या है?
यह एक योगासन है जिसमें बैठकर पैरों को सीधा रखकर आगे की ओर झुका जाता है, जिससे शरीर में खिंचाव आता है और लचीलापन बढ़ता है.
2. पश्चिमोत्तानासन के क्या लाभ हैं?
यह आसन पाचन तंत्र को सुधारता है, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत देता है, और पीठ व रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है.
3. इस आसन को करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
इसे धीरे-धीरे और सही तरीके से करना चाहिए, शरीर पर अधिक जोर नहीं डालना चाहिए, और यदि दर्द हो तो अभ्यास रोक देना चाहिए.

