Blurry Vision in Delhi AIIMS Report: ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने दिल्लीवासियों के लिए एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है. इस रिपोर्ट के बाद जाहिर है दिल्ली वालों की चिंता बढ़ने वाली है. जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार जिस लाइफस्टाइल के साथ लोग आज जी रहे हैं, उसे देखते हुए लोगों की आंखें जल्द ही खराब होने वाली है.
दरअसल आज लोग अपने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस में इतना घुसे रहते हैं. इनका इतना इस्तेमाल करते हैं कि लोगों आंख से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इसी कारण से लोग आंख से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं.
हर तीसरा व्यक्ति आंख की समस्या से परेशान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जारी हुई इस रिपोर्ट में जानकारी सामने आई कि दिल्ली में करीब हर तीसरे व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार की आंखों की समस्या से गुजरना पड़ रहा है, जो एक अलार्म है. इसका कारण पूछेंगे तो साफ है. इलेक्ट्रोनिक आइट्मस का ज्यादा इस्तेमाल. इससे कई परेशानियां होना शुरू हो चुकी है.
लगातार बढ़ती जा रही समस्या
चाहे लोग लैपटॉप या फिर कंप्यूटर पर ऑफिस का काम कर रहे हों या फिर मोबाइल फोन का इस्तेमाल. लेकिन ये इस्तेमाल इतना अधिक बढ़ चुका है कि कई समस्या लेकर दिल्लीवासी डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं. दावा है कि इनमें बच्चों में मायोपिया जो पास की देखने को क्षमता को कमजोर करने वाली समस्या है. इस समस्या का ज्यादा शिकार हो रहे हैं. बताया गया कि दिल्ली के 13.1 प्रतिशत बच्चों में यही मायोपिया की समस्या दर्ज की गई है. हालांकि ब्लेम सिर्फ मोबाइल फोन या फिर इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स का ही नहीं है. लोगों के बदलते लाइफस्टाइल जैसे रहने और खाने पीने का तरीका भी स्वास्थ्य पर एक बुरा असर डाल रहा है. यही लोगों की आंखों पर भी बुरा असर डाल रहा है.
60 लाख लोग इस समस्या का शिकार
जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 60 लाख लोद अनकरेक्टेड रिफ्रेक्टिव एरर या प्रेसबायोपिया जो बढ़ती हुई उम्र के साथ देखने की क्षमता को कमी आने की समस्या है. इस समस्या से दिल्ली के 60 लाख लोग परेशान है. दावा किया गया कि 50 साल या फिर उससे अधिक उम्र वाले लोगों में ये समस्या 70 प्रतिशत तक पाई गई है. बताया गया कि खराब लाइफस्टाइल, फोन का लगातार इस्तेमाल और अच्छी क्वालिटी वाले खाने का सेवन न करना बच्चों की आंखों पर प्रेशर का कारण बनता जा रहा है. इसी कारण से कम उम्र में बच्चों को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


