BP Check at Home: कई लोग आजकल High BP की समस्या से परेशान है. ये समस्या काफी आम होती जा रही है. अब इस समस्या से बचने के लिए लोग घर पर ही डिजिटल मशीन लेते हैं और अपना बीपी नाप लेते हैं. हालांकि ये आदत काफी अच्छी है. क्योंकि घर बैठे ही अपनी हेल्थ को ट्रैक कर सकते हैं.
लेकिन घर बैठे ही अपनी हेल्थ को कुछ लोग सही से ट्रैक नहीं कर पाते हैं. क्योंकि कई बार रीडिंग ही गलत आ जाती है. या गलत आ सकती है. जो आपकी हाई-बीपी की समस्या को और बढ़ा सकता है. यानी अगर आपको हाई-बीपी, डायबिटीज या स्ट्रेस की समस्या रहती है और आप भी घर बैठकर अपनी बीपी को चेक करते हैं, तो ये जानकारी आपके काम की होने वाली है. क्योंकि बीपी चेक करते समय आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. आइए जानते हैं कौन सी वो गलतियां है जिसे आपको नहीं दोहराना है.
एक्सपर्ट डॉक्टर से जानें:
चाय-कॉफी न पिएं
अगर आप बीपी चेक करने की सोच रहे हैं, तो ध्यान रखें कि चेक करने से तीस मिनट पहले किसी तरह के कैफीन का इनटेक न करें. इतना ही नहीं 30 मिनट पहले एक्सरसाइज या फिर स्मोकिंग से आपको बचना चाहिए. अगर ऐसा करते हैं, तो हो सकता है कि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. जिससे मशीन गलत रीडिंग दिखा सकती है.
ब्लैडर को खाली करें
कई बार लोग ये सोचते हैं, या यूं कह लो कि ध्यान नहीं देते कि उनका ब्लैडर भरा हुआ है, और बीपी को माप लेते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. क्योंकि अगर आपका ब्लैडर भरा हुआ है तो बीपी की रीडिंग पर इसका असर पड़ सकता है. गलत रीडिंग आपको देखने को मिल सकती है. इसलिए घर पर जब भी बीपी चेक करें और टॉयलेट जाना हो तो पहले टॉयलेट जाएं और फिर चेक करें. जिससे सही रीडिंग मिलेगी.
बैठने का तरीका और कम से कम 5 मिनट आराम
अब अगर आप तुरंत कोई भागदौड़ भरा काम करके आए हैं और आते ही मशीन से बीपी नापने का सोच रहे हैं, तो ये गलती मत करें. पहले पांच मिनट आराम करें बैठे अपनी बॉडी को थोड़ा रिलैक्स होने दें फिर बीपी को चेक करें. ये भी ध्यान रखना चाहिए कि आप किस पॉजिशन में बैठे हैं. यानी कुर्सी पर सीधा बैठना चाहिए. पीठ को सपोर्ट दें और पैरों को जमीन पर सीधा रखें. अगर क्रॉसिंग पॉजिशन में बैठकर बीपी चेक करते हैं, तो रीडिंग में गलती हो सकती है.
हाथों की पॉजिशन सही रखें
सिर्फ बैठे रहना ही नहीं, बल्कि हाथों की पॉजिशन का भी खास ख्याल रखें. जैसे जब बीपी मापा जा रहा है तो उसे टेबल पर रेस्टिंग पॉजिशन पर रखें. आपने देखा होगा कि जब बीपी चेक करते हैं, तो बात करने मना कर दिया जाता है. इसके लिए इसलिए मना किया जाता है क्योंकि रीडिंग गड़बड़ा सकती है. इसलिए कहा जाता है कि शांत रहें.इतना ही नहीं रोजाना एक ही समय पर बीपी मॉनिटर करना चाहिए. जब बीपी चेक करें उसका समय और रीडिंग को नोट कर लें. ताकि रोज की रीडिंग को ट्रैक करने, उसे समझने में आपको आसानी हो सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

