How Can I Cure My Pigmentation: पिगमेंटेशन एक ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से लोग पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट कराते हैं. लेकिन समस्या ये है कि पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट के बाद भी चेहरे पर पिगमेंटेशन की समस्या फिर से उभर आती है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि ये समस्या फिर से क्यों आती है?
पिगमेंटेशन की समस्या में स्किन में दाग-धब्बे नजर आने लगते हैं. स्किन एक जैसी नहीं दिखाई देती. स्किन पर तरह-तरह के दाग-धब्बों की वजह से स्किन खराब हो जाती है. ये समस्या इसलिए परेशान करती है क्योंकि स्किन में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ने लगता है. मेलेनिन के उत्पादन के कारण स्किन पर काले या भूरे रंग के दाग-धब्बे दिखाई देने लगते हैं.
पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट के बाद क्यों हो रही समस्या?
एक्सपर्ट कहते हैं कि पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट के बाद भी पिगमेंटेशन की समस्या हो सकती है. इसके पीछ कई कारण होते हैं. जैसे, स्किन का प्रोपर ध्यान ना रखना, या फिर पिग्मेंटेशन कंट्रोल पर ज्यादा जोर देना.
धूप में ज्यादा देर रहना
एक्सपर्ट बताते हैं कि धूप में ज्यादा देर रहने से स्किन में मेलानिन की समस्या बढ़ जाती है. उन्हें ये समस्या बार-बार होती है. दरअसल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्किन की कोशिकाएं खुद को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए मेलानिन का प्रोडक्शन करने लगता है. इससे टैनिंग या पिगमेंटेशन होती है.
अधूरा ट्रीटमेंट
अगर आपने पिगमेंटेशन ट्रीटमेंट को अधूरा या बीच में छोड़ दिया तो आपको पिगमेंटेशन की समस्या फिर से हो सकती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि अक्सर सूरज के संपर्क में रहता है और बॉडी में हार्मोनल बदलाव हो रहे हैं, तो पिगमेंटेशन की समस्या दोबारा हो सकती है.
त्वचा में सूजन
अगर आपकी स्किन में पहले से सूजन की समस्या है और आप इस तरह के ट्रीटमेंट लेते हैं तो ये बेअसर हो सकते हैं. समस्या दोबारा ट्रिगर कर सकती है. इस स्थिति को पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ये समस्या अपने आप ठीक हो सकती है लेकिन ठीक होने में महीनों से लेकर सालों तक का समय लग सकता है.
अनुवांशिक
कई बीमारी या समस्या ऐसी होती है कि अगर आपके घर में किसी को पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है तो ये आपको भी ट्रिगर कर सकती है. इसलिए अगर ट्रीटमेंट के बाद भी आपको पिगमेंटेशन की समस्या हो रही है तो पहले ये देख ले कि कहीं आपके घर में किसी को ये समस्या तो नहीं. इसके अलावा एक्सपर्ट कहते हैं कि हमारे शरीर में ऐसे जींस मौजूद होते हैं जो स्किन टोन पर असर करते हैं. ये जींस तय करते हैं कि हमारी स्किन की कोशिकाएं कितना मेलेनिन बनाएंगी.
पिगमेंटेशन की समस्या को कैसे मैनेज करें?
सनस्क्रीन लगाएं
इस समस्या को मैनेज करने के लिए आप सनस्क्रीन का प्रयोग करें. जब भी आप घर से बाहर या धूप में जाते हैं तो सनस्क्रीन का प्रयोग करें. एक्सपर्ट बताते हैं कि सूरज की किरणे स्किन में मेलानिन का उत्पादन बढ़ा देती है, सनस्क्रीन इसे कंट्रोल करने में मदद करती है.
स्किन बैरियर की प्रोटेक्शन
स्किन में मेलानिन का उत्पादन रोकरने के लिए स्किन बैरियर प्रोटेक्शन रूल को फॉलो करे. इसके लिए आप माइल्ड क्लींजर का प्रयोग करें, रोजाना मॉइस्चराइजर लगाना ना भूलें, सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन या कठोर स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें. इससे स्किन को प्रोटेक्शन मिलता है.
एक्सफोलिएट करें
पिगमेंटेशन की समस्या से बचने के लिए स्किन एक्सफोलिएट करना ना भूलें. एक्सपर्ट कहते हैं कि स्किन को एक्सफोलिएट करने से स्किन में हो रहे डार्क स्पॉट कम होते हैं. डेड सेल्स कम होती है. इसलिए हफ्ते में एक से दो बार स्किन एक्सफोलिएट जरूर करें.
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FAQs
सवाल: पिग्मेंटेशन ट्रीटमेंट के बाद त्वचा में समस्या क्यों होती है?
जवाब: इलाज के बाद त्वचा कुछ समय के लिए संवेदनशील हो जाती है, जिससे लालिमा, जलन या सूखापन हो सकता है.
सवाल: क्या ट्रीटमेंट के बाद पिग्मेंटेशन दोबारा हो सकता है?
जवाब: हां, यदि धूप से बचाव न किया जाए या डॉक्टर की सलाह का पालन न किया जाए, तो पिग्मेंटेशन दोबारा हो सकता है.
सवाल: पिग्मेंटेशन ट्रीटमेंट के बाद क्या सावधानी रखें?
जवाब: नियमित सनस्क्रीन लगाएं, मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें और डॉक्टर द्वारा बताए गए स्किनकेयर रूटीन का पालन करें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

