Brain Healthy Diet: अगर आप अपने दिमाग को हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो अपने खान-पान को सही रखें. रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अगर लोग 45 से 54 साल की उम्र में सही और संतुलित आहार लेते हैं, तो आगे चलकर उनकी याददाश्त और सोचने की कार्य क्षमता बेहतर रहती है. खास तौर पर जो लोग अपने खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और मछली शामिल करते हैं, उनमें दिमाग से जुड़ी समस्याएं कम देखी गईं.
आज के समय में कई लोग समय की कमी के चलते हेल्दी खाने से दूर होते जा रहे हैं. वहीं हेल्दी खाने से दूर होने का सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ रहा है. यह बात रिसर्च में सामने आई है. न सिर्फ आपके दिमाग पर बल्कि संतुलित आहार न लेने से आगे चलकर आपकी मेमोरी और सोचने की क्षमता तक खराब हो सकती है. इसिलए किस डाइट को रिसर्च ने बेहतर बनाया है, यह जानने के लिए, पूरी खबर पढ़ें.
कौन-सी डाइट को पाया गया अच्छा
डॉक्टरों का कहना है कि यह उम्र बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी समय शरीर में कई समस्याएं धीरे-धीरे शुरू होती हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, शुगर का बढ़ना या शरीर में सूजन. ये चीजें तुरंत असर नहीं दिखातीं, लेकिन समय के साथ दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस उम्र में अगर खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान दिया जाए, तो दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है और भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया का खतरा भी कम हो सकता है. खास बात यह है कि इस समय दिमाग में बदलाव लाने की क्षमता भी ज्यादा होती है, इसलिए अच्छी आदतें जल्दी असर दिखाती हैं.
कौन-सी डाइट को पाया गया अच्छा
रिसर्च में पाया गया कि DASH डाइट, जो आमतौर पर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए प्लान की जाती है, यह दिमाग के लिए भी काफी फायदेमंद मानी गई है. इसमें हेल्दी चीजें जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे, बीज, मछली और अच्छे फैट शामिल होते हैं. यह न सिर्फ दिल बल्कि दिमाग के लिए भी अच्छी मानी गई है.
क्या खाना चाहिए?
- फल और सब्जियां
- साबुत अनाज
- मेवे और बीज
- जैतून का तेल जैसे हेल्दी फैट
- मछली
किन खानों से बचना चाहिए
वहीं, जो लोग ज्यादा जंक फूड, प्रोसेस्ड चीजें, मीठे पेय और लाल मांस खाते हैं, उनमें दिमाग से जुड़ी समस्याओं का खतरा ज्यादा पाया गया है. ऐसे खाने से शरीर में सूजन बढ़ती है और दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है. कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो दिमाग के स्वास्थ को सही रखना है तो इसकी शुरूआत मध्य उम्र यानि 30 से साल की उम्र से ही करनी चाहिए. क्योंकि इस उम्र में खाया गया आहार आगे चलकर आपके दिमाग पर गहरा असर दिखाता है. अगर आपने सही आहार लिया तो दिमाग स्वस्थ रहेगा अगर नहीं लिया तो दिमाग अस्वस्थ हो जाएगा.
- लाल मांस (रेड मीट)
- प्रोसेस्ड फूड (पैक्ड/जंक फूड)
- मीठे पेय (कोल्ड ड्रिंक आदि)
- ज्यादा चीनी और मैदा
दिमाग पर खाने का कैसे पड़ता असर?
अगर आपके मन में ये सवाल उठ रहा है कि लाल मांस, प्रोसेस्ड फूड खाने से दिमाग की सेहत पर कैसे असर पड़ सकता है, तो हम आपको बता दें कि अच्छा खाना आंत यानि (गट) के स्वास्थ्य को बेहतर रखता है, जिससे मूड और दिमाग बेहतर रहता है. वहीं खराब खाना यानि जंक फूड या फिर प्रोसेस्ड फूड शरीर में अन्य प्रकार की समस्याओं को बढ़ावा देता है, जैसे सूजन, मोटापा या फिर कोलेस्ट्रॉल को, वहीं इसका असर सीधा दिमाग की कोशिकाएं पर भी पड़ता है. इसलिए संतुलित और साधारण आहार खाने से दिल और दिमाग स्वस्थ रहता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


