Hair Growth Treatment in Lab: बढ़ती उम्र और खराब लाइफस्टाइल कई बीमारियों की जड़ है. इसमें एक समस्या ये भी है कि लोग बाल झड़ने की प्रॉब्लम का भी सामना करते हैं. बाल झड़ने की समस्या पहले के समय में उम्र कम होने के साथ देखी जाती थी. लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल ने कम उम्र वाले लोगों को भी इसमें शामिल कर डाला है. बाल झड़ने की प्रॉब्लम का लिंक सिर्फ जेंडर से नहीं है. बल्कि पुरुष और महिलाएं दोनों ही गंजेपन से काफी परेशान हैं.
जब पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या देखी जाती है, तो इसे मेंस हेयर बाल्डनेस और मेडिकल की भाषा में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहा जाता है. ऐसी स्थिती जब आती है तब हेयर लाइन ऊंची हो जाती है. आसान भाषा में कहें तो बाल माथे के दोनों ओर से ऊपर जाने लगते हैं. ऐसी सिचुएशन से जब बचना हो तो लोग महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन रिजल्ट नहीं मिलते. लेकिन अब ऐसे लोगों के लिए साइंटिस्ट ने खुशखबर दी है.
लैब में उगाये जाएंगे असली बाल
इस समस्या का साइंटिस्ट ने सॉल्यूशन निकाल लिया है. दरअसल एक ऐसी टेक्नोलॉजी तैयार की गई है. जहां लैब के अंदर असली बाल उगाए जाने की बात सामने आई है. जब इस तरह की बात सामने आती है तो लोग आर्टिफिशिअल बाल समझ लेते हैं, तो ऐसा नहीं है. आर्टिफिशिअल फाइबर या फिर विग नहीं है. ये हमारी बॉडी के सेल्स से तैयार किए गए नेचुरल बाल होने वाले हैं. जैसे ही ये रिसर्च की जानकारी सामने आई उसने लोगों में एक उम्मीद जगा दी है.
कैसे ग्रो किया जा सकते हैं बाल?
ये रिसर्च बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च कम्युनिकेशंस में पब्लिश हुई. अब आपको बता दें कि साइंटिस्ट काफी लंबे समय से इस कोशिश में थे कि क्या किसी व्यक्ति के शरीर के बालों को बाहर की जड़ों से री-ग्रो किया जा सकता है. यानी हेयर फॉलिकल्स को ग्रो कराया जा सकता है. जब रिसर्च हुई तो ये काफी सकेस्फुल साबित हुआ.
जानकारी के अनुसार रिसर्चर्स ने यहां स्टेम सेल्स का इस्तेमाल किया. जिसके बाद लैब में बाल उगाने में उन्होंने सफलता पाई है. आपको बता दें कि ये तरीका खास प्रोसेस के तहत किया गया है. यानी इसमें बायो इंजीनियपिंग का इस्तेमाल हुआ है. जिसकी मदद से सेल्स को बिल्कुल वैसे काम करवाया गया जैसे वो हमारे सिर के स्किन के नीचे काम करते हैं. इस कारण से ये हेयर ग्रोथ बिल्कुल नैचुरल माना जाएगा.
इंसान कर पाएंगे इस्तेमाल?
जिस तरह वजन कंट्रोल करने में हमें सफलता मिली, ठीक उसी तरह हमें हेयर ग्रोथ में भी सफलता मिल चुकी है. यानी अब लोगों को गंजेपन होने की चिंता खत्म हो चुकी है. लेकिन फिलहाल आम इंसानों के लिए नहीं है. ऐसा इसलिए फिलहाल इसे लैब के पैमाने पर ही टेस्ट किया गया है. यानी अभी इसका स्केल बड़े पैमाने पर नहीं किया गया. लैब लेवल पर ये पूरी तरह सफल रहा. लेकिन इंसानों पर टेस्ट होना अभी बाकी है. इसपर भी साइंटिस्ट तैयारी कर रहे हैं. वहीं एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है क आने वाले कुछ सालों में ये टेकनीक हेयर लॉस ट्रीटमेंट को पूरी तरह बदल सकती है. साथ ही गंजे होने की समस्या से लोगों को राहत दिला सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


