Cancer Treatment: कैंसर सिर्फ लाइलाज बिमारी नहीं. बल्कि 10 में से 8 लोगों के बचने के चांस होते हैं. लेकिन जो लोग कैंसर की खतरनाक बीमारी पर जीत हासिल कर लेते हैं. उन्हें इलाज के बाद कई साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं. आज के आर्टिकल में हम इसी विषय पर बात करेंगे कि कैंसर के इलाज के बाद मरीज को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कुछ मामलों में एक्सपर्ट कहते हैं कि कैंसर का इलाज पूरा होने पर मरीज को नई जिंदगी तो मिल जाती है लेकिन उनकी जिंदगी से समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं होती. इलाज के बाद मरीज को ऐसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं जो सालों-साल देखने को मिलते हैं. इसलिए मरीजों को समय-समय पर जांच की सलाह दी जाती है.
कैंसर का इलाज पूरा होना पर नहीं मिलती नई जिंदगी!
दरअसल आपको बता दें कि कैंसर का इलाज पूरा होने पर मरीज को नई जिंदगी ही नहीं मिलती बल्कि यहां से उसकी जिंदगी में नया संघर्ष शुरू हो जाता है. इलाज के बाद मरीज को कई तरह के साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं. ऐसे में मरीज को सही देखभाल की जरूरत होती है.
लंबे समय तक थकान और कमजोरी
दरअसल कैंसर के ट्रीटमेंट में व्यक्ति का शरीर इतना कमजोर हो जाता है कि इलाज के बाद भी उसका शरीर लगातार थकान और कमजोर बना रहता है. कैंसर तो चला जाता है लेकिन काफ हद तक शरीर को कमजोर करके चला जाता है. ऐसे में यह कमजोरी और थकान महीनों-महीनों या फिर सालों-साल बनी रहती है. गौरतलब है कि ट्रीटमेंट के दौरन कई तरह की सर्जी की जाती है. जैसे, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी इनके कारण शरीर को पूरी तरह से ठीक होने में समय लगता है. ऐसे में पर्याप्त आराम और बैलेंस्ड डाइट के साथ हल्की-फुल्की एक्सरसाइज मदद कर सकती है.
दिल और मानसिक सेहत पर असर
कैंसर ट्रीटमेंट के असर मरीज के दिल की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ट्रीटमेंट के बाद मरीज के हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या नसों में दर्द जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती है. इसके अलावा कैंसर से उबरने के बाद कई लोगों को चिंता, तनाव, याददाश्त में कमी या ब्रेन फॉग जैसी मानसिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.
हड्डियों, हार्मोन और प्रजनन क्षमता पर प्रभाव
कैंसर ट्रीटमेंट शरीर को तोड़कर रख देता है. कुछ हार्मोन थेरेपी और स्टेरॉयड जैसी दवाएं हड्डियों पर गहरा असर डालती है. शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है. वहीं कुछ ट्रीटमेंट हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियां प्रभावित करती है, जिसके कारण शरीर में एस्ट्रोजन या टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन का लेवल कम होने लगता है. कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या कुछ सर्जरी शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण फर्टिलिटी प्रभावित होती है.
कैंसर ट्रीटमेंट के बाद इन बातों का रखें ध्यान
- समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहें. चेकअप और स्कैन करवाते रहें.
- बैलेंस्ड डाइट लें, डाइट में प्रोटीन, फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज जैसे आहार शामिल करें.
- शरीर को पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रखें. डिहाइड्रेशन से बचें.
- वॉक, योग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज एक्सपर्ट और डॉक्टर की सलाह से करते रहें.
- साफ-सफाई का ध्यान रखें, बीमार लोगों के संपर्क में जाने से बचें. ये कैंसर दोबारा होने का खतरा बढ़ा सकता है.
- बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की दवा ना लें.
- रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें.
- कोशिश करें स्ट्रेस से दूर रहे.
- किसी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

