Depression Diagnosis From Blood Test: कई बार व्यक्ति निराश और उदास महसूस करता है. लंबे समय तक अगर ऐसी सिचुएशन बनी रहे तो इसे डिप्रेशन कहा जाता है. लेकिन डिप्रेशन का संबंधन सिर्फ दुखी रहने से नहीं होता. क्योंकि ये एक ऐसी मेडिकल कंडिशन है जो हमारी डेलि लाइफ और हमारी हेल्थ को काफी प्रभावित करती है. जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होता है तो सबसे पहले लक्षणों के जरिए यानी व्यक्ति कैसा फील कर रहा है उसकी मदद से पहचान की जाती है कि आखिर वो व्यक्ति सच में डिप्रेशन का शिकार है या नहीं.
अब तक लक्षणों के जरिए ही इसकी पहचान की जाती थी. वहीं अब ब्लड टेस्ट की मदद से डिप्रेशन का पता लगाया जा सकता है. इसपर एक स्टडी हुई और स्टडी रिपोर्ट सामने आई. इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ब्लड टेस्ट के जरिए डिप्रेशन का पता लगाया जा सकता है. इसमें काफी मदद मिल सकती है. ये रिपोर्ट ‘The Journal Of Gerontology’ में भी प्रकाशित हुई. क्या कहती है स्टडी रिपोर्ट आइए डिटेल में जानते हैं.
ब्लड टेस्ट से पता लगेगा डिप्रेशन
जानकारी के मुताबिक ये स्टडी रिपोर्ट ‘The Journal Of Gerontology‘ में पब्लिश हुई है. रिपोर्ट बताती है कि अब आप ब्लड टेस्ट की मदद से डिप्रेशन का पता लगा सकते हैं. दरअसल स्टडी में ये पाया गया कि Monocytes सेल्स में डिप्रेशन के लक्षण देखे गए हैं. Monocytes एक व्हाइट ब्लड सेल होता है. जिनका सीधा कनेक्शन डिप्रेशन के लक्षणों के साथ देखा जाता है. वहीं ब्लड टेस्ट के जरिए इन्हीं व्हाइट ब्लड सेल्स की एजिंग का पता लगाया जाएगा, और ये मद मिलेगी कि डिप्रेशन है या फिर नहीं. इसमें काफी मदद मिल सकती है.
एक जैसे नहीं होते लक्षण
अगर बात की जाए डिप्रेशन के लक्षणों की तो हर किसी की कंडिशन पर निर्भर करता है. क्योंकि हर किसी की कंडिशन एक जैसी नहीं होती. इस कारण डिप्रेशन के लक्षणों की पहचान करना कई बार डॉक्टरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो जाता है. दरअसल कुछ लोग ऐसे होते हैं जब वो डिप्रेशन का शिकार होते हैं उन्हें थकान, भूख के पैटर्न में बदलाव, बेचैनी होना. इस तरह के लक्षण होते हैं.
लेकिन कई लोगों में लक्षण ऐसे होते हैं इमोशनल लक्षण होते हैं. जैसे कुछ लोग निराश महसूस करते हैं. सोचने समझने में दिक्त होती है, और भी कई तरह की दिक्कत होती है. जिनका कनेक्शन सीधे हमारे इमोशन्स के साथ जुड़ा हुआ होता है. डॉक्टर अक्सर डिप्रेशन के मरीजों में अन्य बीमारियों की जांच के लिए ब्लड टेस्ट करते हैं, लेकिन अभी तक कोई ऐसा बायोलॉजिकल टेस्ट नहीं है जिससे डिप्रेशन की पुष्टि की जा सके.
जल्द पता लगना जरूरी
डिप्रेशन का पता लगना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि जितनी जल्दी उसका पता लगाया जा सके उतनी ही जल्दी लाइफस्टाइल में भी सुधार लाया जा सकता है. गंभीर मामलों में डिप्रेशन आत्म-नुकसान तक ले जा सकता है इसलिए ऐसी स्थिति से जल्द बचना जरूरी है. साथ ही जितनी जल्दी इलाज मिलेगा उतनी ही जल्दी रिकवरी भी होने में आसानी होगी.
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