Depression Fatigue: जो लोग डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित होते हैं, उन्हें जल्द ही थकान, आलस इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. उनमें किसी भी काम को करने में मोटिवेशन की कमी नजर आती है. लेकिन ऐसा क्यों होता है? क्या कभी आपने ये सोचा. इसपर एक रिसर्च की गई और रिसर्च में कई खुलासे हुए. जानकारी दी गई कि आखिर ऐसा क्यों होता है. जानकारी के अनुसार इस रीसर्च में पाया गया कि शरीर में होने वाली एनर्जी की कमी Energy Imbalance के कारण हो सकता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये रिसर्च ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स द्वारा की गई है. उन्होंने ये पता लगाया कि डिप्रेशन का शिकार हुए युवा और उनके माइंड और ब्लड सेल्स में एक डिफ्रेंट पैटर्न काम करता है. रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसे युवा जब इस कंडिशन में आराम की स्थिती में होते हैं, तो उकी सेल्स अधिक मात्रा में एनर्जी प्रोड्यूस करती है. लेकिन जब वो काफी स्ट्रेस या फिर जब एनर्जी की जरूरत पड़ती है तो उनके सेल्स इसे प्रोड्यूस करने में काफी स्ट्रगल करती है. ये इंबैलेंस डिप्रेशन से पीड़ित युवाओं में लगातार थकान और मोटिवेशन की कमी पैदा करता है.
इस Age ग्रुप्स पर की गई रिसर्च
जानकारी के लिए बता दें कि रिसर्चर्स ने 18 से 25 साल के एज ग्रुप वाले युवाओं को अपनी इस रिसर्च का हिस्सा बनाया है. इस ग्रुप के 18 ऐसे युवा थे जिनके माइंड को स्कैन और ब्लड की गहराई से जांच की गई. ये वही लोग हैं, जो डिप्रेशन से पीड़ित थे. इसके बाद उनके डेटा को कंपेयर किया गया, जो फिट थे. यानी जिसे डिप्रेशन नहीं था. वहीं रिसर्चर्स ने ऐसा कहा कि जब वैज्ञानिकों ने अवसादग्रस्त युवाओं के मस्तिष्क और रक्तधारा में सीधे तौर पर थकान से जुड़े अणुओं के पैटर्न को ट्रैक किया है. वहीं इस रिसर्च में ये भी खुलासा हुआ कि डिप्रेशन की बीमारी के शुरुआती लक्षण में सेल्स जरूरत से अधिक ज्यादा काम कर रही होती हैं. यही एक्स्ट्रा प्रेशर लंबे समय तक चलने वाली समस्याओं का प्रमुख कारण बन सकता है.
क्या है रिसर्च का मकसद
अब सवाल आता है कि आखिर ऐसी रिसर्च क्यों की गई. इसके पीछे का कारण क्या था. तो आपको बता दें कि इस रिसर्च से निकलने वाले कंक्लूजन से डिप्रेशन का पहले से ही पता लगाने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं इसके अलावा, इससे संभावित रूप से अधिक लक्षित और हर मरीज की जरूरत के हिसाब से व्यक्तिगत उपचार तैयार करने के रास्ते खुलेंगे, जिससे लोगों को इस बीमारी से बाहर निकलने में सही मदद मिल सकेगी.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


