होमHealth Newsअंगूठे के पास से हुई एंजियोप्लास्टी, 70 वर्षीय मरीज की बची जान;...

अंगूठे के पास से हुई एंजियोप्लास्टी, 70 वर्षीय मरीज की बची जान; जानें क्या है नई Distal Transradial Technique

Distal Transradial Approach: 70 वर्षीय मरीज की ब्लॉक्ड कोरोनरी आर्टरी को अंगूठे के पास से की गई एंजियोप्लास्टी से खोला गया. जानें Distal Transradial Approach के फायदे और इसकी खासियत.

Distal Transradial Approach: दिल्ली-एनसीआर के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग, सुनील कुमार, पिछले कई दिनों से सीने और बाएं हाथ में तेज दर्द से परेशान थे. दर्द इतना बढ़ गया था कि उन्हें करवट बदलने में भी दिक्कत होने लगी. जब समस्या लगातार बनी रही तो उन्होंने अपने फैमिली डॉक्टर की सलाह पर आकाश हेल्थकेयर में जांच करवाई.

जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि उनकी हृदय की एक प्रमुख धमनी (कोरोनरी आर्टरी) में गंभीर ब्लॉकेज है, जिसके कारण हार्ट अटैक जैसी स्थिति बन चुकी थी. ऐसे में तुरंत इलाज की जरूरत थी.

एंजियोग्राफी में सामने आया बड़ा खतरा

अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज को तुरंत कैथ लैब में शिफ्ट किया गया. यहां एंजियोग्राफी की गई, जिसमें हृदय की धमनी में ब्लॉकेज की पुष्टि हुई. डॉक्टरों ने रक्त प्रवाह को सामान्य करने के लिए तुरंत एंजियोप्लास्टी करने का फैसला लिया. हालांकि इस मामले में खास बात यह रही कि डॉक्टरों ने पारंपरिक ग्रोइन (जांघ) वाले रास्ते की बजाय एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया.

अंगूठे के पीछे से पहुंची डॉक्टरों की टीम

आमतौर पर एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जांघ के पास मौजूद धमनी के जरिए की जाती है. लेकिन सुनील कुमार के मामले में डॉक्टरों ने डिस्टल ट्रांसरेडियल अप्रोच अपनाई. इस तकनीक में कलाई और अंगूठे के पीछे मौजूद धमनी के जरिए हृदय तक पहुंचा जाता है. इस प्रक्रिया से मरीज को कम असुविधा होती है और रिकवरी भी अपेक्षाकृत तेज होती है.

सफल रही एंजियोप्लास्टी

डॉक्टरों की टीम ने ब्लॉक हुई धमनी को सफलतापूर्वक खोलकर उसमें स्टेंट लगाया. इलाज के कुछ ही घंटों बाद मरीज की स्थिति में सुधार दिखने लगा. अस्पताल के अनुसार, लगभग 12 घंटे के भीतर मरीज के सीने का दर्द पूरी तरह खत्म हो गया. वह बिना किसी सहायता के बैठने, चलने-फिरने और सामान्य भोजन करने में सक्षम हो गए.

मरीज ने साझा किया अनुभव

सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने हमेशा सुना था कि हृदय संबंधी प्रक्रियाएं जांघ के रास्ते की जाती हैं. इसलिए जब डॉक्टरों ने बताया कि उनका इलाज कलाई और अंगूठे के पास से किया जाएगा तो उन्हें हैरानी हुई. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के दौरान उन्हें ज्यादा दर्द महसूस नहीं हुआ और अब वे अपने सामान्य जीवन में लौट चुके हैं.

क्या है डिस्टल ट्रांसरेडियल तकनीक?

आकाश हेल्थकेयर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार चुघ के अनुसार, डिस्टल ट्रांसरेडियल तकनीक ने एंजियोप्लास्टी के तरीके को काफी बदल दिया है. उन्होंने बताया कि इस तकनीक से जांघ के रास्ते जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे ब्लीडिंग और अन्य जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है. साथ ही मरीज जल्दी रिकवर होकर अपनी सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकता है.

दुनिया भर में बढ़ रहा है इस्तेमाल

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोनरी इंटरवेंशन के लिए डिस्टल ट्रांसरेडियल तकनीक को दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि पारंपरिक ग्रोइन-आधारित प्रक्रिया की तुलना में इस तकनीक में ब्लीडिंग का जोखिम कम होता है, अस्पताल में रहने का समय घटता है और मरीज का अनुभव बेहतर रहता है. इसी वजह से यह तकनीक अब कई बड़े कार्डियक सेंटरों में पसंदीदा विकल्प बनती जा रही है.

यह भी पढ़ें: पेट दर्द की वजह निकला बालों का गुच्छा! 30 साल की महिला के पेट से निकला Hair Ball, डॉक्टर भी हुए हैरान

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

author avatar
sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

शूटिंग के वक्त जूनियर NTR के कंधे में लगी गंभीर चोट, महीनों तक नहीं कर पाएंगे काम!

Jr NTR Shoulder Injury: एक्टर जूनियर NTR के कंधे में चोट लगी है. डॉक्टर्स ने उन्हें 6-8 हफ्ते आराम की सलाह दी है. जानें उनकी हेल्थ अपडेट और फैंस की प्रतिक्रिया.

सुबह उठते ही मुंह से क्यों आती है बदबू? कहीं ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं!

Morning Bad Breath Causes:: सुबह उठते ही मुंह से बदबू क्यों आती है? जानिए लार की कमी, जीभ पर बैक्टीरिया, मसूड़ों की बीमारी और Bad Breath से बचने के आसान उपाय.

क्या ज्यादा चाय पीने से हो सकती है Vitamin B12 की कमी! जानिए कितने कप चाय पीना सुरक्षित है

Tea Side Effects: क्या ज्यादा चाय पीने से Vitamin B12, आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है? जानिए दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए और सही समय क्या है.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Kids Stomach Pain Treatment: बच्चे को हो रहा बार-बार पेट दर्द? एक्सपर्ट से जानें जरूरी टिप्स

Kids Stomach Pain Treatment: बच्चों में बार-बार होने वाला पेट दर्द कई बार सामान्य नहीं होता. एक्सपर्ट की राय लें. यहां जानें कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

शूटिंग के वक्त जूनियर NTR के कंधे में लगी गंभीर चोट, महीनों तक नहीं कर पाएंगे काम!

Jr NTR Shoulder Injury: एक्टर जूनियर NTR के कंधे में चोट लगी है. डॉक्टर्स ने उन्हें 6-8 हफ्ते आराम की सलाह दी है. जानें उनकी हेल्थ अपडेट और फैंस की प्रतिक्रिया.

सुबह उठते ही मुंह से क्यों आती है बदबू? कहीं ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं!

Morning Bad Breath Causes:: सुबह उठते ही मुंह से बदबू क्यों आती है? जानिए लार की कमी, जीभ पर बैक्टीरिया, मसूड़ों की बीमारी और Bad Breath से बचने के आसान उपाय.

क्या ज्यादा चाय पीने से हो सकती है Vitamin B12 की कमी! जानिए कितने कप चाय पीना सुरक्षित है

Tea Side Effects: क्या ज्यादा चाय पीने से Vitamin B12, आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है? जानिए दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए और सही समय क्या है.

Recent Comments