होमHealth Newsपेट दर्द की वजह निकला बालों का गुच्छा! 30 साल की महिला...

पेट दर्द की वजह निकला बालों का गुच्छा! 30 साल की महिला के पेट से निकला Hair Ball, डॉक्टर भी हुए हैरान

Hair Ball in Stomach: फरीदाबाद की 30 वर्षीय महिला के पेट से बालों का बड़ा गुच्छा निकला. जानें ट्राइकोबेजोअर, ट्राइकोटिलोमेनिया और ट्राइकोफेजिया क्या हैं और इनके खतरे क्या हैं.

Hair Ball in Stomach: फरीदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां रहने वाली 30 साल की महिला को अचानक भूख लगना बंद हो गया, जी मिचलाने की समस्या होने लगी, थोड़ा सा खाना खाने के बाद ही पेट भरा-भरा सा महसूस होने लगा था. हालत काफी नाजुक हुई और बिगड़ती गई.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक फरीदाबाद अमृता हॉस्पिटल में महिला इलाज के लिए पहुंची और जो जानकारी मिली उसे देखकर हैरान हो गई. जानकारी है कि महिला के पेट से बड़े हिस्से में बालों का एक बड़ा गोला मिला. वो गोला महिला के पेट में जमा हो गया था. जिसके कारण उन्हें पेट में दर्द, भूख कम लगने की समस्य इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था.

काफी समय से हो रही थी समस्या

जानकारी है कि फरवरी से महिला को पेट में दर्द, भूख न लगना, जी मिचलाने और थोड़ा सा ही खाना खाने के बाद पेट भरा होने जैसी समस्या सा सामना करना पड़ रहा था. कुछ महीने इसी दर्द के साथ बीते लेकिन कुछ समय के बाद महिला की हालत बिगड़ती गई. जब इस समस्या का पता लगाने के लिए गंभीर जांच की गई तो पता चला कि एक बड़ा ट्राइकोबेजोअर यानी खाए गए बालों का एक छोटा सा ढेर जो सालों से ही उनके पेट में जमा हो रही थी.

डॉक्टरों का कहना है कि महिला की ऐसी हालत ट्राइकोटिलोमेनिया के कारण हुई थी. ये एक मानसिक बीमारी है. जिसके अंदर व्यक्ति अपने ही बालों को बहुत अधिक नोचता है. कई मामले ऐसे होते हैं जहा मरीज ट्राइोफेगिया भी हो जाता है. यानी एक ऐसी कंडिशन जिसमें व्यक्ति अपने बाल खाने लग जाता है.

बाल को खाने लगी थी महिला

जब व्यक्ति अपने ही बाल खाने लगता है तो इस कंडिशन को कहा जाता है ट्राइोफेगिया. अब इंसान का शरीर सिर्फ खाना, पानी तक पचा सकता है. बाल जैसी चीज को पचा पाना काफी मुश्किल काम है. लेकिन जो व्यक्ति इसका शिकार है वो बाल खाता रहता है और ये समय के साथ पेट में जमा होते जाते हैं. एक समय बाद ये ढेर बन सकता है. जिसके कारण एक गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है.

अगर कंडिशन और भी गंभीर हो जाए तो ए रैपुनजेल सिंड्रोम में बदल सकती है. जो ट्राइकोबेज़ोअर का एक रेयर और गंभीर रूप है. ये एक ऐसी कंडिशन है जिसमें बेजोअर का अधिकतर हिस्सा पेट के अंदर होता है. , जिसमें एक लंबी पूंछ जैसी चीज़ होती है जो पाइलोरस से होते हुए छोटी आंत में और कभी-कभी कोलन तक जाती है.

कैसी है महिला की हालत?

महिला की इस समस्या को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया गया. डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते महिला का इलाज न किया जाता तो आंतों में रुकावट, गंभीर कुपोषण, पेट में छेद यहां तक की इंफेक्शन का भी खतरा हो सकता है. कई मामलों में ये जानलेवा भी साबित हो सकता है.

हालांकि ये कंडिशन दोबारा न हो और इसे रोकने के लिए डॉक्टर साइकेट्रिक से इलाज, फॉलो-अप और बिहेवियरल थेरेपी की सलाह देते हैं. इसपर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारी है. हालांकि ये काफी रेयर समस्या है. यानी हर कोई व्यक्ति इसका शिकार नहीं होता है.

यह भी पढ़ें: 60% तक झुलसे 3 साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी, कार्डियक अरेस्ट के बाद 40 दिन चला इलाज

FAQs

Q1. ट्राइकोबेजोअर क्या है?

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें निगले गए बाल पेट में जमा होकर एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं।

Q2. ट्राइकोटिलोमेनिया क्या होता है?

यह एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है, जिसमें व्यक्ति बार-बार अपने बाल नोचता है।

Q3. ट्राइकोफेजिया क्या है?

ट्राइकोफेजिया वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने ही बाल खाने लगता है।

Q4. पेट में बाल जमा होने के क्या लक्षण हैं?

पेट दर्द, जी मिचलाना, भूख कम लगना, जल्दी पेट भरना और वजन कम होना इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं।

Q5. क्या यह बीमारी खतरनाक हो सकती है?

हां, इलाज में देरी होने पर आंतों में रुकावट, संक्रमण, पेट में छेद और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

author avatar
sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

क्या होता है यूरिक एसिड? जानें बढ़ जाए तो कैसे कर सकते हैं कंट्रोल

High Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड क्या होता है, क्यों बढ़ता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल करें? जानिए डाइट, वजन और लाइफस्टाइल से जुड़े जरूरी उपाय.

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं Expert

Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: क्या बुखार में नहाने से बुखार बढ़ जाता है? जानें डॉक्टरों की सलाह, कब गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में नहाना टाल देना चाहिए.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

क्या होता है यूरिक एसिड? जानें बढ़ जाए तो कैसे कर सकते हैं कंट्रोल

High Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड क्या होता है, क्यों बढ़ता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल करें? जानिए डाइट, वजन और लाइफस्टाइल से जुड़े जरूरी उपाय.

ऐसे बनाएं रिच प्रोटीन ब्रेकफास्ट, मिनटों में होगा तैयार

High Protein Breakfast: सुबह का नाश्ता पूरे दिन की एनर्जी का काम करता है. इसलिए गलती से भी सुबह का नाश्ता स्किप नहीं होना चाहिए.

खांसी हो रही है तो कब पीना चाहिए कफ सिरप? जानें कब पड़ती है दवा की जरूरत

Khansi Mein Cough Syrup Kab Peena Chahiye: : खांसी शुरू होते ही कफ सिरप पीना सही है या नहीं? जानें सूखी और बलगम वाली खांसी में क्या फर्क है, कब दवा लेनी चाहिए और किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

Recent Comments