Energy Drinks India: देश में एनर्जी ड्रिंक्स और कैफेन वाले लिक्विड ड्रिंक्स की खपत बढ़ती जा रही है. जिसे देखते हुए सरकार ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. जैसे लेबलिंग पर कार्रवाई, मिलावट पर रोक. इस तरह की कार्रवाई FSSAI द्वारा लगातार की जा रही है. लेकिन कितने लोग ऐसी ड्रिंक्स का सेवन करते हैं. इसपर संसद में आंकड़े जारी किए गए हैं.
सरकार ने इसपर डेटा रिपोर्ट जारी की है. संसद में सरकार ने बताया कि साल 2025-26 में देशभर से 2,23,808 फूड सैंपल्स की जांच की गई. जिसमें 40,023 सैंपल्स मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए. इन मामलों में 31,878 सिविल मामलों में जुर्माना लगाया गया, जबकि 1,918 आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध हुए हुए.
FSSAI ने कैसे लिया एक्शन
FSSAI कई बार ये कह चुका है कि जो प्रोडक्ट्स पर मिसलीडिंग लेबल होंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. जो कंपनी अपने प्रोडक्ट पर हेल्थ ड्रिंक लिखकर उन्हें बेच रही हैं. उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हेल्थ ड्रिंक नाम की कोई कैटेगरी ही नहीं है. FSSAI ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मल को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे प्रोडक्ट्स को गलत कैटेगरी में न दिखाया जाए और उन्हें उसकी सही कैटेगरी में रखा जाए.
एक प्रोडक्ट में होना चाहिए इतना कैफीन
जिन प्रोडक्ट्स में कैफीन होता है उसमें मात्रा तय की जाती है. सरकार ने बताया कि एक कैफीन वाले लीक्विड ड्रिंक्स में 145 से 300 मिलीग्राम प्रति लीटर तक की कैफीन होना चाहिए. जो कैफीन वाले प्रोडक्ट्स हैं उनके लिए साफ कड़े शब्दों में निर्देश दिए गए हैं, कि हर प्रोडक्ट पर ये वॉर्निंग होना जरूरी है कि 500 मिलीलीटर से अधिक कैफीन का सेवन न किया जाए.
FSSAI चला रहा है अभियान
यह जानकारी भी दी गई कि FSSAI द्वारा नो टू अडल्ट्रेशन अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही फूड सेफ्टी ऑन वील्स, RAPID टेस्ट किट, DART बुकलेट और मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए मिलावट की जांच और लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है.
इन ड्रिंक्स की वजह से बढ़ रही बीमारियां
अब संसद में ये भी सवाल किया गया कि क्या मिलावटी एनर्जी ड्रिंक्स और मिलावटी ड्रिंक्स पीने से कैंसर, लकवा या फिर दिल की बीमारियां बढ़ रही हैं. इसपर सरकार ने जवाब दिया है कि अब तक ऐसा कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं मिला है. हालांकि सरकार नियम और तय स्टैंडर्ड्स और कार्रवाई की जानकारी दी है.
यह भी पढ़ें: गंजे थे सलमान खान! इस थेरेपी से वापस आए बाल…प्रोड्यूसर का बड़ा खुलासा
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. एक्सपर्ट्स द्वारा दी जाने वाली जानकारी के लिए जुड़े हमारे Youtube के साथ.)

