Today Health News: पहले कफ सिरप अब एंटीबायोटिक दवा, राजस्थान में हेल्थ सिस्टम से चौंकाने वाली खबरे लगातार सामने आ रही हैं. राजस्थान के भरतपुर में ड्रग विभाग में एंटीबायोटिक सैंपल फेल मिलने के बाद प्रेदश में छापेमारी अभियान जारी किया है. बता दें कि विभाग ने करीब दो महीने पहले एक एंटीबायोटिक दवाई के सैंपल लिए थे, जिसमें जांच में वह पूरी तरह से फैल पाई गई हैं.
एंटीबायोटिक दवाई का जांच में नकली मिलने पर प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए इस दवा की बिक्री पर रोक लगाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं. और साथ ही सभी जिलों को सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
जांच में एंटीबायोटिक फेल | Rajasthan Antibiotic Medicine
ये एक एंटीबायोटिक दवा है, जो बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में दी जाती है. क्यूसी पॉट-200 (सेफपोडोक्साइम प्रॉक्सेटिल) एंटीबायोटिक जांच में पूरी तरह फेल पाई गई. जिसके बाद ड्रग विभाग ने जयपुर, जालोर और भरतपुर में छापेमारी अभियान जारी किया. ड्रग विभाग ने नकली कारोबार का खुलासे करते हुए करीब चार लाख रूपये की दवा भी जब्त की. साथ ही उन्हें लैब जांच के लिए भेजा गया. दूसरी तरफ चौंकाने वाली बात ये है कि दवा कंपनी करीब 500 से ज्यादा तरह की दवाएं तैयार करती हैं. ऐसे में अन्य दवाई की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं.
सप्लाई चेन की पड़ताल के लिए टीमें रवाना
ड्रग विभाग ने जांच पड़ताल में ये पता किया कि ये दवा हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स नामक निर्माता फर्म से सप्लाई की गई थी. जिसके बाद विभाग ने सप्लाई चेन की जांच पड़ताल के लिए टीमों को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भी भेजा है. साथ ही ड्रग विभाग ने हिमाचल प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर को भी पत्र लिखकर निर्माता स्तर पर भी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है.
इन इंफेक्शन के लिए प्रयोग की जाती थी एंटीबायोटिक
बताया जा रहा है कि ये दवा कई बड़े इंफेक्शन में प्रयोग की जाती थी. जिसमें गले और टॉन्सिल का इन्फेक्शन साइनस, फेफड़ों का संक्रमण, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, कान का इन्फेक्शन, मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) और स्किन के बैक्टीरियल इंफेक्शन तक के इलाज में प्रयोग किया जाता था.
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