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FSSAI का बड़ा एक्शन! ‘Eat Fit Digestive Biscuits’ पर नोटिस, जानिए क्यों भ्रामक दावों पर बढ़ी सख्ती

FSSAI Notice: उपभोक्ता की शिकायत के बाद FSSAI ने SAJ Food Products से 7 दिन में जवाब मांगा. जानिए क्या हैं Misleading Claims, पहले किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई और क्यों बढ़ी नियामक की सख्ती.

FSSAI Notice: अगर आप पैकेट पर लिखे “Healthy”, “Digestive”, “Sugar Free” या “100% Natural” जैसे दावों को देखकर कोई खाद्य उत्पाद खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने SAJ Food Products Pvt. Ltd. को उसके “Eat Fit Digestive Biscuits” पर किए गए कथित भ्रामक दावों को लेकर नोटिस जारी किया है.

यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद की गई है. FSSAI ने कंपनी से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है और यह स्पष्ट करने को कहा है कि उत्पाद पर किए गए दावे खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं.

उपभोक्ता की शिकायत के बाद FSSAI ने लिया संज्ञान

मामला उस समय सामने आया जब एक उपभोक्ता ने शिकायत की कि Eat Fit Digestive Biscuits की पैकेजिंग और प्रचार में ऐसे दावे किए गए हैं, जो लोगों को भ्रमित कर सकते हैं. इसके बाद FSSAI ने कंपनी को नोटिस भेजते हुए कहा कि वह सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखे. यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

आखिर क्या होते हैं ‘Misleading Claims’?

Misleading Claims यानी ऐसे दावे जो किसी खाद्य उत्पाद को वास्तविकता से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक, सुरक्षित या लाभकारी दिखाते हैं. उदाहरण के तौर पर

  • Digestive लिखकर पाचन सुधारने का दावा
  • Sugar Free या No Added Sugar का भ्रामक इस्तेमाल
  • “100% Natural” या “Healthy जैसे दावे बिना पर्याप्त वैज्ञानिक आधार
  • किसी बीमारी से बचाव या इलाज का संकेत देने वाले दावे ऐसे दावों से उपभोक्ता गलत जानकारी के आधार पर खरीदारी कर सकता है.

FSSAI ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों कर रहा है?

पिछले कुछ वर्षों में FSSAI ने पैकेज्ड फूड कंपनियों द्वारा किए जा रहे भ्रामक विज्ञापनों और गलत लेबलिंग पर सख्ती बढ़ाई है. इसके पीछे मुख्य उद्देश्य हैं.

  • उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी देना.
  • कंपनियों को बिना वैज्ञानिक प्रमाण के स्वास्थ्य संबंधी दावे करने से रोकना.
  • बच्चों और आम लोगों को भ्रामक मार्केटिंग से बचाना.
  • Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत तय लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करना.
  • बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखना.

इससे पहले भी कई बड़ी कंपनियों पर हुई कार्रवाई

यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी FSSAI और संबंधित नियामक संस्थाएं कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं.

  1. Patanjali Foods को लेबलिंग नियमों को लेकर निर्देश

FSSAI ने विभिन्न अवसरों पर पतंजलि के कुछ खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और दावों की जांच कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों को लेकर भी कंपनी कई बार विवादों में रही.

  1. MDH और Everest मसालों की जांच

साल 2024 में कुछ देशों द्वारा MDH और Everest के कुछ मसाला उत्पादों को लेकर जांच शुरू होने के बाद FSSAI ने भी भारत में इन उत्पादों के सैंपल लेकर गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच कराई. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.

  1. FSSAI की ई-कॉमर्स कंपनियों को चेतावनी

FSSAI ने कई बार Amazon, Flipkart सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश दिए कि वे केवल नियमों के अनुरूप खाद्य उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करें और बिना वैध जानकारी वाले उत्पादों को प्लेटफॉर्म पर न रखें.

  1. Bournvita विवाद के बाद हेल्थ ड्रिंक दावों पर सख्ती

सोशल मीडिया पर विवाद के बाद FSSAI ने राज्यों को निर्देश जारी किए कि हेल्थ ड्रिंक जैसी श्रेणी का गलत इस्तेमाल न किया जाए। बाद में कंपनियों को भी लेबलिंग और प्रचार सामग्री नियमों के अनुरूप रखने को कहा गया.

  1. Packaged Food पर ‘100% Natural’ और ‘Healthy’ दावों की निगरानी

FSSAI लगातार ऐसे पैकेज्ड फूड उत्पादों की निगरानी कर रहा है जिन पर “Healthy”, “Natural”, “Immunity Booster”, “Digestive” जैसे दावे किए जाते हैं. यदि इन दावों के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण नहीं होते, तो कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

कंपनियों को किन नियमों का पालन करना होता है?

FSSAI के नियमों के अनुसार कोई भी खाद्य कंपनी. गलत या बढ़ा-चढ़ाकर दावा नहीं कर सकती. बिना वैज्ञानिक प्रमाण के स्वास्थ्य लाभ नहीं बता सकती. लेबल पर दी गई जानकारी सही और सत्यापित होनी चाहिए. ऐसा कोई दावा नहीं कर सकती जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो. यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो नोटिस, जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदते समय केवल सामने लिखे बड़े-बड़े दावों पर भरोसा न करें. खरीदने से पहले इन बातों पर ध्यान दें.

  • Ingredients List पढ़ें.
  • Nutrition Facts देखें.
  • FSSAI License Number जांचें.
  • Expiry Date और Labeling जरूर देखें.
  • किसी भी स्वास्थ्य संबंधी दावे पर जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लें.

फिलहाल क्या स्थिति है?

फिलहाल FSSAI ने SAJ Food Products से 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। कंपनी का जवाब मिलने के बाद नियामक यह तय करेगा कि आगे कोई कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि FSSAI अब पैकेज्ड फूड पर किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावों और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी को लेकर पहले से अधिक सतर्क और सख्त रुख अपना रहा है.

यह भी पढ़ें: CGHS लाभार्थियों को बड़ी राहत! अब 50 लाख तक का मेडिकल क्लेम होगा तेजी से मंजूर, जानें नए नियम

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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