Sehat Ki Khabar: नम्सकार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. गूगल छोड़ेगा 3.2 करोड़ मच्छर क्यों इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. कितनी चाय पीना सेफ है इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. क्यों गर्मी में हो जाती फूड प्वाइजनिंग की समस्या जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे गूगल छोड़ेगा 3.2 करोड़ मच्छर
मच्छरों से कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं. लेकिन जल्द ही इनपर रोक लगने वाली है. दरअसल गूगल ने एक अनोखा प्रयोग करने जा रहा है. गूगल की पेरंट कंपनी Alphabet ने अमेरिका के फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में अगले दो सालों के दौरान रिसर्च सेंटर में 3.2 करोड़ मच्छरों को तैयार किया है. अब इन मच्छरों को छोड़ने की परमिशन भी मांगी जा रही है. क्योंकि इन मच्छरों से ऐसे बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की पॉप्यूलेशन पर कंट्रोल किया जाएगा.
दरअसल कंपनी ने अमेरिका में करोड़ों स्टेराइल यानी बांझ मच्छर छोड़ने की परमिशन मांगी है. हालांकि ये सुनने में बहुत अजीब लगता है. लेकिन साइंटिस्ट ऐसा मानते हैं कि ऐसे मच्छरों से बीमारी को रकोकने में काफी हद तक मदद मिल सकता है. प्लान है कि साइंटिस्ट सिर्फ Male मच्छरों को ही छोड़ेंगे जो इंसानों को काटते नहीं है, न ही किसी तरह की बीमारी फैलाते हैं. इन मच्छरों में वोल्बाचिया नाम का एक नैचुरल बैक्टीरिया डाला जाता है. ये बैक्टीरिया उस समय काम करता है जब ये मच्छर मादा मच्छर के साथ प्रजनन करते हैं तो उससे पैदा होने वाले अंडे निकल नहीं पाते और उनकी संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है. इस तरह से मच्छरों की संख्या को रोका जाने वाला है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे कितनी चाय पीना सेफ
भारतीय लोग एक दिन में कितने कप चाय पीते हैं. इतने कप चाय सेहत को काफी नुकसान पहुंचाता है. लेकिन इस बीच ये भी सवाल आता है कि आखिर कितनी चाय पीना सेफ माना जाता है. एक दिन में व्यक्ति को कितने कप चाय का सेवन करना चाहिए? इसपर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये पूरी तरह व्यक्ति की हेल्थ, उम्र और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है कि वो आखिर किस तरह का लाइफस्टाइल जी रहा है. आंकड़े बताते हैं कि किशोरों और युवाओं को एक दिन में एक या फिर 2 कप से ज्यादा चाय का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें कैफेन होता है. वहीं एडल्ट्स को 3 से 5 कप ग्रीन टी पीना फायदेमंद हो सकता है.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे गर्मी में क्यों हो जाती फूड प्वॉइजनिंग
भीषण गर्मी पड़ रही है. जिसका असर हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है. ऐसे मौसम में पेट से जुड़ी बीमारियां अधिक देखी जाती हैं. इसलिए ऐसे मौसम में खाने पीने का खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. खासतौर पर अगर गलती से खाना बाहर रखा हो ऐसे खाने को खाने से रोका जाता है क्योंकि ये खतरनाक हो सकता है. इससे सेहत को कई नुकसान पहुंच सकते हैं. क्योंकि बाहर गर्म माहौल जारी है, तेज हवाएं चल रही हैं जो ऐसे मौसम में बैक्टीरिया के लिए काफी बेहतरीन माना जाता है. पेट भी जल्दी खराब हो जाता है. इन्फेक्शन फैलने का डर अधिक रहता है. उसमें भी डेयरी प्रोडक्ट्स बनी चीजें जल्दी खराब हो जाती है. इनमें फल, सब्जियां, सलाद, चटनी, नॉन वेज को बाहर खुले में नहीं रखना चाहिए. साथ ही अगर आप साफ-सफाई का खास ख्याल नहीं रखते तो ये आदत भी आपको बीमार बना सकती है.
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