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खत्म होगी बाल झड़ने की समस्या! 43% तक होगा सुधार; स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

Hair Restoration Treatment: बाल झड़ने के इलाज में नई तकनीक QR678 PREO चर्चा में है. स्टडी में 43% तक सुधार का दावा, जानें PRP और GFC से यह कैसे अलग है.

Hair Restoration Treatment: बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है. हेयर रेस्टोरेशन (Hair Restoration) के क्षेत्र में अब ऐसी तकनीकों पर काम हो रहा है, जो पहले की तुलना में ज्यादा सटीक और लगातार बेहतर परिणाम दे सकें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में बालों के इलाज का तरीका केवल बालों की ग्रोथ बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शरीर में होने वाले जैविक संकेतों (Biological Signals) को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने पर आधारित होगा.

दरअसल अब तक बाल झड़ने के इलाज में सिर्फ PRP (Platelet Rich Plasma) और GFC (Growth Factor Concentrate) जैसी थेरेपी का काफी इस्तेमाल किया जाता रहा है. इन इलाज में मरीज के अपने खून से प्लेटलेट्स और ग्रोथ फैक्टर्स निकालकर इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि हर व्यक्ति की बॉडी अलग होती है. ऐसे में इन थेरेपी में मौजूद ग्रोथ फैक्टर्स की मात्रा और गुणवत्ता भी अलग-अलग हो सकती है. यही वजह है कि कई बार मरीजों को मिलने वाले रिजल्ट्स में भी अंतर देखने को मिलता है.

डॉक्टरों ने क्या कहा?

बेंगलुरु के हेयर ट्रांसप्लांट और ट्राइकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुकेश एम.एस. के अनुसार, ऑटोलॉगस (मरीज के अपने शरीर से तैयार) उपचारों में रिजल्ट्स का अलग-अलग होना लंबे समय से एक चुनौती रहा है. इसलिए अब ऐसी तकनीकों पर ध्यान दिया जा रहा है जो सभी मरीजों को अधिक नियंत्रित और एक समान जैविक संकेत प्रदान कर सकें.

क्या है Precision Re-Engineered Efficacy Optimization?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एक वैज्ञानिक तरीका है जिसमें बालों की ग्रोथ से जुड़े जैविक संकेतों को पहले से तय और मानकीकृत (Standardized) किया जाता है. इसका उद्देश्य ऐसे वातावरण का निर्माण करना है जहां बालों के फॉलिकल्स को जरूरी संकेत लगातार और नियंत्रित तरीके से मिल सकें. इससे उपचार के परिणाम अधिक स्थिर और दोहराने योग्य (Reproducible) हो सकते हैं.

स्टडी में क्या सामने आया?

एक नियंत्रित अध्ययन में दो अलग-अलग उपचार मेथड्स की तुलना की गई. कुछ प्रतिभागियों को मानकीकृत (Standardized) बायोइंजीनियर्ड सिग्नलिंग फॉर्मूलेशन दिया गया, जबकि अन्य को पारंपरिक प्लेटलेट-आधारित थेरेपी दी गई.

रिसर्च में ये पाया गया कि Standardized सिग्नलिंग तकनीक लेने वाले लोगों में:

  • बालों की घनत्व (Hair Density) में सुधार देखा गया
  • बाल झड़ने में कमी दर्ज की गई
  • फोटोग्राफिक मूल्यांकन में बेहतर परिणाम मिले
  • अलग-अलग मरीजों में रिजल्ट्स अधिक समान दिखाई दिए. रिपोर्ट के अनुसार, QR678 PREO के इस्तेमाल से ग्लोबल फोटोग्राफिक असेसमेंट स्कोर में लगभग 43.4 प्रतिशत तक सुधार देखा गया.

QR678 PREO क्या है?

QR678 PREO एक कॉस्मेटिक फॉर्मूलेशन है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बालों के फॉलिकल्स तक मानकीकृत और नियंत्रित जैविक संकेत पहुंचा सके. इसका उद्देश्य फॉलिकल्स की कार्यक्षमता को सपोर्ट करना और उपचार के परिणामों को अधिक स्थिर बनाना है.

भविष्य में क्या बदल सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि हेयर रेस्टोरेशन का क्षेत्र अब तेजी से बदल रहा है. पहले जहां फोकस सिर्फ बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने पर था, वहीं अब ध्यान ऐसे वैज्ञानिक तरीकों पर है जो सभी मरीजों में अधिक भरोसेमंद और लगातार बेहतर परिणाम दे सकें. हैदराबाद के हेयर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. एमडी इमरान अली का कहना है कि हेयर ट्रीटमेंट का भविष्य ऐसे संरचित और नियंत्रित जैविक वातावरण तैयार करने में है, जो उपचार को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बना सके.

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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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