How to read a product label: क्या आप कुछ भी खरीदते समय किसी भी सामान का लेबल पढ़ते हैं? कुछ लोगों का जवाब हां होगा तो कुछ लोगों का जवाब ना. वहीं अधिकतर लोगों को लेबल क्या होता है? इस बारे में पता ही नहीं होगा. दरअसल जब आप किसी भी प्रकार का पैकेट बंद खाना खरीदते हैं तो उस पर कुछ जरूरी जानकारी लिखी होती है. यह जानकारी ब्रांड नाम से लेकर प्रोडक्ट के इंग्रीडिएंट्स तक की होती है. उसमें शुगर कितनी है, कितनी कैलोरी है, या फिर उसे बनाने के लिए किस-किस प्रकार का तेल, नमक और सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. इसलिए पैकेट बंद प्रोडक्ट को खरीदते समय उस पर छपा लेबल जरूर पढ़ें.
FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) ने लोगों को इसी दिशा में जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर जानकारी दी है. FSSAI कहता है कि पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय ज्यादातर लोग सिर्फ ब्रांड, कीमत या एक्सपायरी डेट पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट कहता है कि उत्पाद के इंग्रीडिएंट्स यानि सामग्री की सूची को पढ़ना भी जरूरी है.
FSSAI के अनुसार, किसी भी पैकेट बंद फूड के लेबल पर सामग्री (Ingredients) जिस क्रम में लिखी जाती है, वह उसकी मात्रा के आधार पर होती है. यानी जो सामग्री सबसे पहले लिखी गई हो, वही उस खाद्य पदार्थ का सबसे अधिक मात्रा में मौजूद होती है.
FSSAI ने लेबल को लेकर क्या कहा?
FSSAI ने एक उदाहरण के जरिए समझाया कि, मान लो आपके पास एक बिस्किट का पैकेट है, जिसमें सामग्री यानि लेबल पर सबसे पहले शुगर का नाम लिखा है. इसके बाद मैदा, पामोलीन ऑयल और अन्य सामग्री लिखी हुई है. यानि बिस्किट पर चीनी सबसे पहले लिखी है, तो इसका मतलबा है कि बिस्किट में चीनी की मात्रा सबसे ज्यादा है. ऐसे में आपको उसे खरीदने से पहले एक बार जरूर सोच लेना चाहिए. क्या वह आपके लिए बेस्ट है या नहीं.
लेबल पढ़ते समय इन बातों का रखें ध्यान
- इंग्रीडिएंट्स की सूची हमेशा पढ़ें.
- सबसे पहले लिखी सामग्री की पहचान करें.
- यदि चीनी, नमक या रिफाइंड आटा (मैदा) सूची में सबसे ऊपर है, तो उसका सेवन सीमित मात्रा में करें.
- बच्चों के लिए खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर विशेष ध्यान दें.
- कम चीनी, कम नमक और संतुलित पोषण वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें.
लेबल पढ़ना क्यों जरूरी
आपको प्रोडक्ट खरीदने के दौरान एक बार पैकेट का लेबल जरूर पढ़ना चाहिए. ऐसे में आपको लेबल का ये फायदा होगा कि आपको प्रोडक्ट की पूरी जानकारी मिल जाएगी. अगर वह प्रोडक्ट अपकी सेहत के लिए हानिकारक है तो आप इसका सेवन न करें. वहीं अगर आपकी सेहत को किसी प्रकार की कोई नुकसान नहीं हो रहा तो आप उसका सेवन कर सकते हैं. इसे ऐसे समझे कि अगर आप शुगर के मरीज हैं तो उस प्रोडक्ट को नहीं खाएं. खानें से बचें. ऐसे में आपकी लेबल पढ़ने की आदत हेल्दी फूड का चयन करने में मदद करेगी. और आप ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले प्रोडक्ट से बचे रहेंगे. FSSAI का संदेश साफ है “हर लेबल कुछ कहता है”. इसलिए अगली बार कोई पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसकी सामग्री सूची जरूर पढ़ें और समझदारी से चुनाव करें.
यह भी पढ़ें: यूरिन टेस्ट से चलेगा Autism का पता! रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
FAQs
सवाल: खाद्य उत्पाद खरीदते समय लेबल पढ़ना क्यों जरूरी है?
जवाब: लेबल पढ़ने से उत्पाद में मौजूद सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों के बारे में पता चलता है, जिससे उपभोक्ता स्वस्थ और सही विकल्प चुन सकते हैं.
सवाल: अगर किसी उत्पाद के इंग्रीडिएंट्स में चीनी (Sugar) सबसे पहले लिखी हो तो इसका क्या संकेत है?
जवाब: इसका मतलब है कि उस उत्पाद में चीनी सबसे अधिक मात्रा में है. ऐसे उत्पाद का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है.
सवाल: किसी खाद्य उत्पाद के लेबल में सबसे पहले लिखी गई सामग्री का क्या मतलब होता है?
जवाब:लेबल में सबसे पहले लिखी गई सामग्री उस उत्पाद में सबसे अधिक मात्रा में मौजूद होती है. इसलिए खरीदने से पहले इस सामग्री पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

