Intermittent Fasting and Heart Attack Risks: दुनिया में मोटाप ऐसी बीमारी है जो तेजी से बढ़ रही है. वहीं इससे बचने के लिए लोग फास्टिंग टिप्स अपनाते हैं. फास्टिंग टिप्स में इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है. ये फास्टिंग 16:8 जैसे नियमों पर आधारित है. 16:8 का नियम अपनाकर कई लोग अपना मोटापा कम करते हैं. यह फिटनेस की दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. हर दूसरा व्यक्ति इस नियमों पर डाइटिंग टिप्स फॉलो कर रहे हैं. ये नियम कहता है कि दिन में एक बार खाना खाएं. ये नियम कहता है कि आपको दिन के 16 घंटे भूखे रहना है यानि फास्टिंग अपनानी है और बाकि के बचे 8 घंटे में खाना खाना है.
दरअसल ये डाइटिंग टिप्स इतनी तेजी से लोकप्रिय हुई कि हर कोई इसे अपना रहा है. वहीं हेल्थ एक्सपर्ट सेहत के लिहाज से इस पर रिसर्च कर रहे हैं. रिसर्च के अनुसार जो लोग इस तरह के टिप्स फॉलो करते हैं उनमें दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा ज्यादा देखा गया है. इसलिए जो लोग मोटापा कम करने और कोलेस्ट्रॉल घटाने के लिए इस तरह के टिप्स फॉलो करते है अलर्ट हो जाएं.
यह भी पढ़ें: Intermittent Fasting Tips: इंटरमिटेंट फास्टिंग की, फिर भी बढ़ गया वजन? जानें सही नियम
रिसर्च में क्या निकला?
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाते हैं उन्हें दिल की गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है. वैज्ञानिकों के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान शरीर में एनर्जी कम हो जाती है, जिससे वजन कम होता है. लेकिन दूसरी तरफ ये स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा देती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की 2024 की एक रिसर्च में 20 हजार से ज्यादा लोगों पर रिसर्च की गई. इसमें पाया गया कि जो लोग रोजाना 8 घंटे या फिर इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाते हैं, उनमें दिल की बीमारी होने का खतरा 90 प्रतिशत बढ़ जाता है. वहीं 12–16 घंटे की Eating Window वाले लोगों में यह जोखिम कम देखा गया है.
क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग?
इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) एक पैटर्न हैं, जिसमें 16 घंटे की फास्टिंग और 8 घंटों के दौरान हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर खाने को डाइट का हिस्सा बनाया जाता है. उदाहरण: 16 घंटे का उपवास, इसमें आप लगातार 16 घंटे तक कुछ नहीं खाते हैं. इस दौरान सिर्फ पानी, ब्लैक कॉफी, या बिना चीनी वाली ग्रीन टी/चाय का सेवन किया जा सकता है.
8 घंटे की फास्टिंग, (जैसे दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे के बीच) में व्यक्ति अपने पोषक तत्वों से भरपूर थाली का सेवन करता है. ऐसे पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करता है जिनसे उन्हें भरपूर मात्रा में पोषण मिल सके.
ये लोग रखें सावधानी
एक-दूसरे की देखा-देखी में इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है. लेकिन कुछ लोगों को इन्हें फॉलो करने से बचना चाहिए. रिसर्च कहती है जो लोग पहले से डायबिटीज, हाई बीपी या हार्ट से जुड़ी बीमारियों का शिकार हो उन्हें इस तरह के टिप्स फॉलो नहीं करने चाहिए. इनके अलावा जो लोग दवाईयों का सेवन करते हैं, उनके लिए भी ये फास्टिंग खतरनाक साबित हो सकती है.
हेल्दी व्यक्ति भी रहे सतर्क
एक्सपर्ट कहते हैं कि कुछ हेल्दी लोगों को भी अलर्ट रहना चाहिए. वह कुछ संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज ना करें. जैसे बार-बार थकान, चक्कर आना, सीने में असहजता या धड़कन तेज होना. अगर आपको इस प्रकार के लक्षण दिख रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं आपको तुरंत प्रभाव से इंटरमिटेंट फास्टिंग को बंद करना चाहिए. ये इस बात का संकेत है कि शरीर पर एक्सट्रा दबाव पड़ रहा है.
यह भी पढ़ें: Noncommunicable Diseases (NCDs)हर दिन हो रही 7,500 मौत! WHO की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

