High BP Control: हाई बीपी यानि हाइपरटेंशन, ये समस्या बेहद खतरनाक होती है. अगर समय रहते इसे ठीक ना किया जाए तो व्यक्ति को स्ट्रोक आने की समस्या हो सकती है. इसलिए अगर आपके आसपास किसी को हाई बीपी की समस्या रहती है तो उसे समय रहते कंट्रोल करने की सलाह दें.
अगर हाई बीपी की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो यह दिमाग के ब्लड वेसेल्स को कमजोर और संकुचित कर देती है, जिससे दिमाग में खून के थक्के जमने या नसों के फटने का खतरा बढ़ जाता है. कई मामलों में हाई बीपी के लक्षण साइलेंट होते हैं, आसानी से दिखाई नहीं देते. इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है.
हाई बीपी क्या होता है?
हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है. इस स्थिति में रक्त वाहिनियां (Blood Vessels) के संकरा होने के कारण या ठोस होने से ब्लड नसों में सामान्य से ज्यादा तेजी से बहने लगता है. सामान्य से ज्यादा तेजी से बहता हुआ ब्लड शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाता है. इसलिए इसे कंट्रोल करना बेहद जरूरी है.
हाई बीपी होने के क्या कारण होते हैं?
हाई बीपी यानि हाइपरटेंशन होने के कई कारण हो सकते हैं. कुछ मामलों में ये बढ़ती उम्र की निशानी मानी जाती है, तो कुछ मामलों में ये परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री, या नमक का अधिक सेवन, मोटापा भी हाई बीपी का कारण होता है. इनके अलावा शारीरिक एक्टिविटी की कमी, गलत खानपान या भरपूर मात्रा में नींद ना लेना भी हाई बीपी का कारण होता है.
क्या हाई बीपी हर समय रहता है?
जी नहीं, ये जरूरी नहीं कि हाई बीपी की समस्या हर समय रहे. कभी-कभार अचानक से ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जैसे, स्ट्रेस, चिंता, दर्द, कैफीन, धूम्रपान, व्यायाम या पर्याप्त आराम न मिलना ये सभी हाई बीपी के कारण हो सकते हैं. लेकिन वहीं अगर लगातार कई दिनों तक बार-बार ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक आता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) माना जा सकता है.
हाई बीपी कैसे कंट्रोल करें?
किसी शांत जगह पर बैठें
बीपी बढ़ने पर आपको किसी शांत जगह पर जाकर बैठ जाना चाहिए. मन को जितना शांत रखेंगे ब्लड सर्कुलेशन उतना ही सही ढंग से होगा. इसलिए बीपी बढ़ने पर शांत जगह पर जाकर बैठ जाएं.
गहरी सांस लें
अगर आपके आसपास किसी को बीपी की समस्या है, या फिर अचानक बीपी बढ़ गया है तो आप उसे गहरी सांस लेने की सलाह दें. गहरी सांस लेने से आपका नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है. ऐसे में दिल की धड़कन धीमी होती है, स्ट्रेस पैदा करने वाले हार्मोन तेजी से कम होते हैं. ऐसा आप कई बार दोहरा सकते हैं.
पिएं पानी
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए. क्योंकि एक्सपर्ट कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी भी हाई बीपी की समस्या का कारण बनती है. जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो ऐसे में शरीर में कुछ हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं. यह रक्त वाहिकाओं को संकरा कर देते हैं. जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.
शरीर पर डालें पानी
हाई बीपी की समस्या पर आप शरीर पर पानी डाल सकते हैं. जैसे, गर्दन, चेहरे, हाथ और पैर को ठंडे पानी (Cold Water) से धोना चाहिए. आप माथे पर ढंटी पट्टियां भी रख सकते हैं.
दवा ना लेने की वजह से बीपी बढ़ना
अगर मरीज पहले से ही हाई बीपी की दवाएं ले रहा है और डोज मिस होने की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ गया है तो डॉक्टर की प्रिस्क्राइब की हुई दवा ली जा सकती है.
कब लें डॉक्टर की सलाह
अगर कई दिनों तक बीपी की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें. इसके अलावा अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है, घबराहट, बैचेनी या सही ढंग से सांस नहीं आ रही तो भी आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बेहद जरूरी है. इन संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज ना करें. ये स्थिति सेहत के लिहाज से खतरनाक साबित हो सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

