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बिना खाना खाए इंसान कितने दिन जिंदा रह सकता है? जानिए शरीर पर क्या असर पड़ता है

Sonam Wangchuk Hunger Strike: Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल के बीच जानिए बिना खाना खाए इंसान कितने दिन तक जीवित रह सकता है, शरीर ऊर्जा कैसे बनाता है और कब स्थिति गंभीर हो सकती है.

Sonam Wangchuk Hunger Strike: पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे हैं. ऐसा करते हुए उन्हें दो हफ्तों से अधिक समय बीत चुका है. क्योंकि इतने समय तक भूखे रहने से शरीर को कई नुकसान पहुंचता है. स्वास्थ्य के लिहाज से ये ठीक नहीं है. क्योंकि शरीर को सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है.

अब क्योंकि इस भूख हड़ताल से सोनम वांगचुक का वजन लगातार घटता जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनका वजन 8.2 किलो घट गया है जो चिंता की बात है. इसलिए ये सवाल पैदा होता है कि आखिर एक इंसान बिना खाए कितने दिन तक रह सकता है. क्या सिर्फ पानी के सेवन से लंबे समय तक शरीर को चलाया जा सकता है. शरीर के लिए भूख कब जानलेवा बन सकती है आइए जानते हैं.

व्यक्ति पर निर्भर करती ये बात

जैसा कि इस समय जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे हैं. ऐसे ही ये एक व्यक्ति पर निर्भर करता है कि ऐसा करने से उसका शरीर किस तरह रिएक्ट करेगा. यानी अगर व्यक्ति ने अपने शरीर को फास्टिंग के हिसाब से ढाल रखा है. यानी उसको ऐसा करने की पहले से आदत है प्रैक्टिस है या नहीं. वहीं लंबे समय तक भूखा रहने से बॉडी पर कैसा असर पड़ता है ये बात व्यक्ति की बॉडी, उसकी उम्र, उसका वजन, क्या उसे पहले कोई बीमारी है या नहीं. इन सभी बातों पर ही निर्भर करती है.

भूखे रहकर ऐसे मिलती एनर्जी

अब जान लेते हैं कि अगर कोई व्यक्ति भूखा रहता है तो उसे एनर्जी कैसे मिलती है तो इसका जवाब है कि शरीर सबसे पहले एनर्जी भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट से लेता है. लेकिन ऐसे केस में खाना ही बंद कर दिया जाता है तो शरीर हमारे लिवर में जमा ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है. इसका इस्तेमाल पहले 24 घंटे तक किया जाता है.

24 घंटे के बाद वाले समय तक खाना अगर न दिया जाए तो बॉडी एनर्जी के लिए फैट का इस्तेमाल करती है. इस दौरान भोजन मिल गया तो ठीक नहीं मिला तो फिर मांसपेशियों और टिश्यू को भी एनर्जी के लिए यूज करने लगता है. जब हमारी बॉडी मसल्स का इस्तेमाल एनर्जी के लिए करने लगती है तो होता है वेट लॉस. मसल्स कमजोर हो जाती है. हालांकि ये भी इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस तरह की हड़ताल कर रहा है.

पानी का किया जा रहा सेवन

दरअसल अगर कोई व्यक्ति हड़ताल के दौरान खाना नहीं खा रहा तो ये प्रोसेस शुरू हो जाते हैं. लेकिन सिर्फ लिक्विड का ही सेवन किया जा रहा है. जैसे नारियल पानी, ओआरएस इन सबका सेवन किया जा रहा है तो ये शरीर को पोषण और एनर्जी दोनों ही देते हैं. ऐसे मामलों में कंडिशन क्रिटिकल नहीं होती. लेकिन सिर्फ पानी पर निर्भर रहना मुश्किल हो सकता है. एक हफ्ते के बाद बदलाव दिख सकते हैं. संभव है कि हालत नाजुक या बिगड़ सकती है.

कितने दिन रह सकता इंसान

सवाल ये कि इस तरह बिना खाए-पिए कोई व्यक्ति कितने दिन तक रह सकता है. क्योंकि कुछ लोग हड़ताल के समय अनजल का त्याग कर देते हैं. यानी न खाना खाएंगे और न ही पानी पिएंगे. ऐसे मामलों में एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर दोनों चीजें छोड़ दी जाए तो एक हफ्ते बाद ही व्यक्ति की हालत गंभीर हो सकती है. कई समस्याएं होने लगती हैं जैसे, लो ब्लड प्रेशर, कई अंगों का काम करना बंद. आगे चलकर ये मौत का कारण बन सकती है.

क्योंकि पानी से हाइड्रेट रहता है व्यक्ति इसलिए ऐसे मामलों में अगर पर्याप्त मात्रा में सिर्फ पानी ही मिलता रहे तो एक हेल्दी व्यक्ति या तो 3 महीनें या फिर उससे अधिक दिन तक भी जीवित रह सकता है. हालांकि यह कोई तय समय सीमा नहीं है. यह इससे अधिक और इससे काफी कम दोनों हो सकती है. क्योंकि ये पूरी तरह जो व्यक्ति ऐसा कर रहा है उसकी हालत पर निर्भर करता है. कि क्या उसे कोई पहले से प्रॉब्लम है या नहीं. अगर पहले से कोई समस्या है तो महीनेभर में ही व्यक्ति की जान जा सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या 40 सेकंड जीभ बाहर निकालने से कम होता है स्ट्रेस? जानें कोर्टिसोल घटाने का सच

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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