Hydration Program Benefits: पथरी के दर्द की समस्या का सामना कर रहे लोगों को अक्सर अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है. वहीं पीड़ितों को पथरी का असहनीय दर्द होता है. हालांकि ये काफी आम समस्या भी है. लेकिन ये आम समस्या डेली लाइफस्टाइल पर काफी अफेक्ट डालती है. कई बार लोगों को अस्पताल पहुंचने तक भी नौबत आ जाती है.
ऐसे कई आंकड़ें है जिसमें ये देखा गया है कि व्यक्ति को अपने जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करना पड़ा है. कई मामले ऐसे हैं जिसमें ये दोबारा हो गई है. जो भी इस समस्या से परेशान हैं, उन्हें कुछ लोग और डॉक्टर्स अधिक पानी पीने की सलाह देते हैं. ऐसा क्यों? इसके पीछे का कारण क्या है? क्या कभी आपने इसपर गौर किया?
पथरी में पानी पीने की क्यों दी जाती सलाह
इसके पीछे का कारण अगर जानें तो पानी पीने से हमें यूरिन ज्यादा आता है. आप अगर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं, तो यूरिन हमारा पतला होगा और मिनरल्स आपस में चिपक नहीं पाएंगे. अगर मिनरल्स चिपक जाएं तो ये शरीर में पथरी बना देते हैं. हालांकि कुछ लोग इस आदत को बना नहीं पाते. यानी अधिक पानी नहीं पी पाते हैं. क्योंकि ये समस्या काफी आम होती जा रही है. इसलिए इसपर रिसर्च भी की जा रही है. Urinary Stone Disease Research Network ने एक स्टडी रिसर्च की. इनमें कई लोगों को शामिल किया गया.
एडल्ट्स और टीनेजर्स को किया शामिल
जानकारी के अनुसार इस स्टडी रिपोर्ट में अमेरिका के छह बड़े मेडिकल सेंटर्स से कुल 1,658 को शामिल किया गया है. इनमें टीनेजर्स और एडल्ट दोनों ही शामिल थे. आप पूछेंगे कि आखिर इसका मकसद क्या था? तो साफ है कि लोगों को अधिक पानी पीने के लिए मोटिवेट करना. जिससे अगर दूसरी बार पथरी बनने के चांस है तो उसे रोका जा सके. जानकारी के अनुसार कॉम्पिटिटर्स को दो ग्रुप में बांटा गया है. इसमें पहे ग्रुप को बिल्कुल नॉर्मल सलाह दी गई. वहीं दूसरे ग्रुप को हाइड्रेशन प्रोग्राम में शामिल कर लिया गया. ये प्रोग्राम में स्मार्ट बोटल, रिमाइंडर मैसेज, पर्सनल टारगेट, कोचिंग इस तरह की फैसिलीटी मिली. जिससे की लोग अधिक पानी पिएं.
पानी पीने की मात्रा बढ़ी
इस पानी पीने की आदत ने लोगों को अधिक पानी पीने के लिए मोटीवेट किया. ये मोटिवेशन कहीं न कहीं हाइड्रेशन के लिए तो काम आई. लेकिन इस समस्या का सॉल्यूशन अभी भी नहीं मिल पाया कि किडनी स्टोन के खतरे को दोबारा बनने से पूरी तरह कंट्रोल किया जा सके. रिसर्चर्स का ऐसा मानना है कि उनके लिए बड़ा चैलेंज ये नहीं कि लोग अधिक समय तक इस आदत को बनाए रखें. इसका ये मकसद है कि उन्हें इसका फायदा मिल सके. साथ ही ये आदत लंबे समय तक बनाए रखें. हालांकि रोजाना ज्यादा पानी पीना भी आसान नहीं होता. वहीं ये भी देखा गया कि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा टारगेट नहीं हो सकता. ये शरीर की बनावट, लाइफस्टाइल, मौसम, हेल्थ कंडिशन पर भी डिपेंड करता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


