Nail Extension Side Effects: आज के समय में ब्यूटी ट्रीटमेंट्स का चलन काफी तेजी से बढ़ गया है. बोटॉक्स करवाना हो या फिर हेयर कर्ल, वहीं नाखूनों को लेकर भी एक ट्रीटमेंट बाजार में देखने को मिलता है. जिसे एक्रिलिक नेल एक्सटेंशन कहा जाता है.
लंबे और चमकदार नकली नाखून को लगाने को एर्किलिक नेल्स एक्सटेंशन कहा जाता है. युवाओं में यह ट्रेंड काफी देखने को मिलता है. बढ़ते युवा इसके शौकीन होते हैं. उन्हें लंबे-लंबे और चमकदार नाखून रखना पसंद होता है. जिसके लिए वह पार्लर जाकर एर्किलिक नेल एक्सटेंश करवाते हैं. इस तरह का ट्रीटमेंट हाथों की खूबसूरती तो बढ़ाता है लेकिन हेल्थ के लिए नुकसानदायक साबित होता है. डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स का कहना होता है कि बार-बार नेल एक्सटेंशन करवाने से हेल्थ रिस्क बढ़ सकता है. नकली नाखूनों को लगाने के लिए एक खास प्रकार की लाइट और केमिकल का प्रयोग होता है. जिससे वह स्किन को नुकसान पहुंचाती है. और स्किन कैंसर का खतरा पैदा करती हैं.
नेल एक्सटेंशन से कैंसर का खतरा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही नेल्स एक्सटेंशन दिखने में सुंदर और टिकाऊ लगते हैं, लेकिन यह स्किन हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं. समस्या सीधे एक्रिलिक नेल्स से नहीं, बल्कि उन्हें लगाने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है. नकली नाखूनों को लगाने के लिए खास पाउडर और तरह-तरह के केमिकल युक्त पदार्थ का प्रयोग होता है, वहीं उन्हें टिकाऊ बनाने के लिए खास प्रकार की लाइट UV लाइट का प्रयोग किया जाता है. जिसके बाद यह समय के साथ-साथ स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं. अगर कोई वयक्ति इन्हें बार-बार करवा रहा है तो रिस्क बहुत बढ़ जाता है.
बरतें सावधानी
वही अगर आप भी नेल्स की खूबसूरती बढ़ाने के लिए नेल्स एक्सटेंशन करवाती है तो कुछ बातों को ध्यान में रखें. जैसे,- नकली नाखून लगवाने से पहले उंगलियों पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. यूवी लैंप की बजाय LED लैंप का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है. क्योंकि LED लैंप में हानिकारक किरणें कम निकलती हैं. हमेशा अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स को ही चुनें. वहीं इस प्रकार के नेल्स एक्टेंशन हमेशा न करवाए खास मौके के लिए इन ट्रीटमेंट्स को करवाएं. कई लोग अक्सर नकली नाखूनों को हटाने के लिए खुद से उन्हें निकालते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि नकली नाखूनों को निकालने के लिए हमेशा एक्सपर्ट्स के पास ही जांए. क्योंकि गलत तरीकों से हटाने पर आपकी स्किन को नुकसान हो सकता है. इन तरीकों को अपनाकर आप कुछ जोखिम को कम कर सकती हैं.
इसलिए माना जाता है खतरनाक
एक्सपर्ट्स के मुताबिक नकली नाखून कैंसर जैसे बीमारी को न्यौता देना होता है. क्योंकि इन्हें लगाने की प्रक्रिया खतरनाक मानी जाती है. नकली नाखूनों को लगाने के लिए फॉर्मेल्डिहाइट और टोल्यून जैसे केमिकल पाए जाते हैं. वहीं इन पाउडर और केमिकल का प्रयोग करने के बाद सैलून और पार्लर वाले UV लैंप के नीचे इन नकली नाखूनों को सूखाते हैं. जिससे असली नाखूनों के उपर नकली नाखून लंबे समय तक टिके रहें.
लेकिन बार-बार का इस तरह का ट्रीटमेंट स्किन कैंसर को न्यौता देता है. कहा जाता है कि प्रोडक्ट्स में फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde) और टोल्यून (Toluene) जैसे केमिकल ही कैंसर की मुख्य कारण नहीं ब्लकि जब नाखूनों को यूवी लाइट के नीचे रखा जाता है तब स्किन रिस्क का खतरा बढ़ता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


