By: Dr. Kaushal Kant Mishra
Knee Replacement Surgery: घुटनों में दर्द आजकल सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है. 40–50 की उम्र में भी लोग सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द, उठते-बैठते जकड़न और चलने में असहजता महसूस करने लगे हैं. शुरुआत में यह समस्या मामूली लगती है, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं, कभी तेल की मालिश, कभी दर्द की दवा, तो कभी घरेलू नुस्खों से काम चलाने की कोशिश करते हैं. लेकिन हर दर्द साधारण नहीं होता. कई बार यह धीरे-धीरे बढ़कर उस स्थिति तक पहुंच जाता है, जहां सर्जरी ही सबसे असरदार विकल्प बचता है.
घुटनों का दर्द कब सामान्य है और कब गंभीर, यह समझना बहुत जरूरी है. अगर दर्द कभी-कभार होता है, किसी खास गतिविधि के बाद आता है और आराम करने से ठीक हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं होती. ऐसे मामलों में सिर्फ ऑब्जर्व करना ही पर्याप्त होता है. लेकिन जब यही दर्द बार-बार होने लगे, रोजमर्रा के कामों में दिक्कत पैदा करने लगे या चलने-फिरने की क्षमता कम होने लगे, तो यह संकेत है कि समस्या अब गहरी हो रही है और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
ऑस्टियोआर्थराइटिस घुटनों की सबसे आम समस्या
घुटनों की सबसे आम समस्या ऑस्टियोआर्थराइटिस होती है, जिसे आम भाषा में गठिया कहा जाता है. यह कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि उम्र के साथ होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, घुटनों के बीच मौजूद कार्टिलेज (गद्दी) घिसने लगती है. यही गद्दी हड्डियों को आपस में रगड़ खाने से बचाती है. जब यह पतली होने लगती है या खत्म हो जाती है, तो हड्डियां सीधे टकराने लगती हैं और दर्द बढ़ने लगता है. यही वह स्थिति होती है जहां मरीज को चलने में तकलीफ, सीढ़ियां चढ़ने में दर्द और जमीन पर बैठने में कठिनाई महसूस होती है.
कई लोग इस दर्द को कम करने के लिए तेल की मालिश, सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन का सहारा लेते हैं. सच यह है कि ये उपाय कुछ समय के लिए राहत जरूर देते हैं, लेकिन घुटने की अंदरूनी खराबी को ठीक नहीं कर सकते. खासतौर पर जब एक्स-रे में घुटनों के बीच का गैप खत्म हो जाता है, तो यह साफ संकेत होता है कि अब सर्जरी की जरूरत है. इस स्थिति में नी रिप्लेसमेंट ही एक स्थायी समाधान माना जाता है.
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क्या जोखिम भरी है Knee Replacement सर्जरी?
नी रिप्लेसमेंट ( Knee Replacement Surgery) को लेकर लोगों के मन में काफी डर होता है. उन्हें लगता है कि यह बहुत बड़ी और जोखिम भरी सर्जरी है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. आज के समय में यह एक सुरक्षित और नियमित प्रक्रिया बन चुकी है, जिसकी सफलता दर बहुत ज्यादा है. सही मरीज में यह सर्जरी न सिर्फ दर्द खत्म करती है, बल्कि उसकी जीवनशैली को पहले से बेहतर बना देती है. कई मरीज सर्जरी के बाद फिर से लंबी वॉक, हल्की जॉगिंग और सामान्य दिनचर्या आसानी से शुरू कर देते हैं.
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि नया घुटना बिल्कुल नैचुरल घुटने जैसा नहीं होता. सर्जरी के बाद दौड़ना, कूदना या उकड़ू बैठना जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मरीज को आराम की जिंदगी जीनी होगी. बल्कि सच इसके उलट है, जितना ज्यादा आप चलेंगे और एक्टिव रहेंगे, उतना ही आपका नया घुटना बेहतर काम करेगा.
कितने समय तक चल सकती ये रिप्लेसमेंट?
नी रिप्लेसमेंट की उम्र भी एक बड़ा सवाल होता है. आज के आधुनिक इंप्लांट्स लगभग 20–25 साल या उससे ज्यादा चल सकते हैं, बशर्ते मरीज अपना वजन कंट्रोल में रखे और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लाइफस्टाइल अपनाए. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि सही समय पर कराई गई सर्जरी आपको लंबे समय तक दर्द से राहत दे सकती है.
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सर्जरी को अनावश्यक रूप से टालना नुकसानदायक हो सकता है. जब दर्द की वजह से चलना-फिरना कम हो जाता है, तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और शरीर की समग्र स्थिति भी बिगड़ने लगती है. कई बार मरीज इतना इंतजार कर लेते हैं कि बाद में सर्जरी के परिणाम भी उतने अच्छे नहीं मिल पाते.
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Disclaimer: इस लेख में प्रकाशित जानकारी डॉक्टर/एक्सपर्ट के निजी विचार हैं. इसमें दी गई जानकारी किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है.किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए कृपया अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। लेखक और वेबसाइट इस जानकारी के आधार पर किए गए स्वयं उपचार के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे.


