आज के समय में कई दंपति गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस विषय पर वरिष्ठ फर्टिलिटी और IVF विशेषज्ञ डॉ. मंदावी राय बताती हैं कि बच्चा न होने की समस्या केवल महिलाओं से जुड़ी नहीं होती। कई मामलों में पुरुष भी समान रूप से जिम्मेदार हो सकते हैं। कम स्पर्म काउंट, महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और बढ़ती उम्र गर्भधारण को मुश्किल बना सकते हैं।
डॉ. राय के अनुसार, यदि कोई दंपति प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करना चाहता है तो उसे सही समय पर संबंध बनाना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और तनाव से दूर रहना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामान्यतः 20 से 30 वर्ष की उम्र गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इस समय महिलाओं की फर्टिलिटी सबसे बेहतर होती है।
कई महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होते हैं, जिससे गर्भधारण को लेकर चिंता बढ़ जाती है। हालांकि डॉ. राय बताती हैं कि अनियमित पीरियड्स होने के बावजूद भी प्रेग्नेंसी संभव है, लेकिन इसके लिए सही समय पर जांच और उचित उपचार आवश्यक हो सकता है।
आजकल “डिज़ाइनर बेबी” शब्द भी काफी चर्चा में रहता है। डॉ. राय के अनुसार यह एक आकर्षक या फैंसी टर्म है। वास्तव में IVF और ICSI जैसी तकनीकों का उद्देश्य मनचाहे गुणों वाला बच्चा बनाना नहीं, बल्कि उन दंपतियों की मदद करना है जिन्हें प्राकृतिक रूप से गर्भधारण में कठिनाई होती है।
यदि किसी महिला को बार-बार गर्भपात की समस्या हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे हार्मोनल असंतुलन, जेनेटिक कारण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टर से पूरी जांच कराना जरूरी होता है। सही समय पर जांच और उपचार से कई दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना पूरा हो सकता है।


