International Chess Day 2026: कई लोग ये मानते हैं कि चेस (Chess) खेलने से दिमाग की पावर बढ़ती है. यानी दिमाग तेज हो जाता है. इसलिए उनके माता-पिता अक्सर यही चाहते हैं कि उनका बच्चा Chess खेले ऐसे गेम्स खेले जिससे माइंड शार्प हो जाए. हर सला 20 जुलाई को इंटरनेशनल चेस डे 2026 के रूप में मनाया जाता है.
अब सवाल ये होता है कि आखिर सिर्फ चेस खेलने से दिमाग तेज होता है या महज एक मिथ है? आइए डिटेल में इसके बारे में जानते हैं कि आखिर एक्सपर्ट्स इसके बारे में क्या कहते हैं.
चेस से दिमाग तेज होता है?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब चेस खेलते हैं, तो बच्चों को हर चाल सोच समझकर ही चलनी पड़ती है. हर चाल से पहले एक सोच होती है सामने वाले खिलाड़ी की सोच को जानना पड़ता है कि आखिर वो क्या चाल चल सकता है. यानी पहले पहले से काफी सोचना पड़ता है और फैसला लेना पड़ता है. ये़ आदत डिसीजन लेने की पावर को बढ़ाती है.
जब चेस खेलते हैं तो बच्चों का फोकस खेल पर ही रहता है. क्योंकि अगर ध्यान हटा तो संभव है कि बच्चा हार सकता है. इसलिए फोकस जरूरी है. और चेस फोकस को बढ़ाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका फायदा बच्चों की पढ़ाई और दूसरी चीजों में मिल सकता है.
मेमोरी बढ़ाने में मिलती मदद
चेस खेलने से मेमोरी भी बूस्ट करती है. क्योंकि इस खेल में चाल, नियम और कई तरीकों को याद रखना पड़ता है. क्योंकि इसमें दिमाग लगता है. जो मेमोरी को बढ़ाने का काम करता है. इससे बच्चों में नई चीजें डेवलप करने में काफी मदद मिल सकती है. इसलिए ये गेम काफी बेहतर मानी जाती है. इस खेल को खेलने से फोकस बढ़ता है. दरअसल आप सामने वाले की चाल को समझ सकते हैं. जिससे डिसीजन लेने की आदत बेहतर हो जाती है.
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