Monsoon Hepatitis Alert: बारिश अपने साथ सुहावना मौसम तो लेकर के आती है. लेकिन उसके साथ-साथ कई बीमारियां भी इस मौसम में आपके पास आ जाती है. यानी बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जाता है. न सिर्फ बुखार, वायरल फीवर ये समस्याएं होती हैं पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स भी जैसे रेस्पिरेटरी इंफेक्शन भी इस मौसम में पैदा होते हैं.
लेकिन अब इस मौमम में हेपेटाइटिस की समस्या भी बढ़ने लगती है. हेपेटाइटिस की समस्या तब होती है जब हमारे लिवर में सूजन पैदा हो जाए. यानी अगर लिवर में सूजन है तो आप हेपेटाइटिस का शिकार हैं. हेपेटाइटिस के कई प्रकार होते हैं. लेकिन इस मौसम में हेपेटाइटिस की जो समस्या होती है उनमें हेपेटाइटिस A और E सबसे खास और प्रमुख हैं. क्योंकि ये गंदे खाने और पानी से फैलते हैं. जो अक्सर इस मौसम में पाया जाता है.
पानी बिगाड़ रहा सेहत
बरसात के मौसम में पानी जमा हो जाता है जो हेल्थ के लिहाज से काफी खतरनाक हो सकता है. इसके बचाव के तरीके मौजूद है. लेकिन उससे पहले जान लेते हैं कि ये वायरस फैलता कैसे है? इसका जवाब है कि ये वायरस से अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उसके मल में ये पाया जाता है.
अब ऐसे में अगर घर में या जमीन के नीचे सीवेज पाइप लीक हो जाएं और नालियां ओवरफ्लो होने लग जाए. जो अक्सर होता ही है ऐसे मौसम में. अब इससे होगा क्या कि ये संक्रमित सीवेज आसानी से पीने के पानी की सप्लाई में भी मिल सकता है. कई लोग पानी को साफ किए बिना ही पीते हैं. यानी ऑरो का इस्तेमाल नहीं करते और ऐसे वायरस खुली आंखों से नहीं दिखाई देते और जब आप ऐसा पानी पीते हैं तो सीधे आपके डाइजेस्टिव सिस्टम पर ये अटैक करता है और लिवर पर बुरा असर पड़ता है.
सिर्फ पानी से नहीं फैलता ये वायरस
ये जानकारी मिलने के बाद कि ये वायरस पीने के पानी से फैलता है तो ऐसा नहीं है. ये सीधे नल के पानी से ही नहीं फैलता बल्कि ऐसे ही गंदे पानी से अगर आप सब्जियों को धो लेते हैं. जैसे कच्चे सालाद और सब्जियां, खराब बर्फ वाली कोल्ड ड्रिंक जिसे पीने से लिवर खराब हो सकता है. यहां तक की अगर आप स्ट्रीट फूड्स का भी सेवन करते हैं तो वहां से संक्रमण फैल सकता है क्योंकि वहां आपको ये नहीं मालूम होता कि वो किस क्वालिटी का इस्तेमाल करते हैं.
क्या होते हैं इसके लक्षण?
अब इसके लक्षणों की अगर बात करें तो ये वायरस लिवर तक जब पहुंचता है, तो लिवर खून को फिल्टर नहीं कर पाता. जब ऐसा होता है तो आपको बहुत थकान, पेट दर्द, भूख न लगने की समस्या, उल्टी जैसी परेशानियों का सामाना करना पड़ सकता है. कुछ लोग पीलिया का शिकार हो जाते हैं. आपको दिखेगा कि आपकी स्किन और आंखों के पास पीलापन दिखाई देगा. यूरिन का रंग भी गहरा हो जाएगा.
अगर आप बचने के उपाय की बात करेंगे तो हमेशा कोशिश करें कि अच्छे प्यूरीफायर वाला ही पानी पिएं, स्ट्रीट्स पर मिलने वाले कच्चे खाने जो पहले से अगर कटे हुए हैं, बर्फ वाली ड्रिंक्स. इन सबका सेवन न करें, फ्रेश और गर्म खाना ही खाएं. इसके पीछे का कारण है कि गर्म टेंप्रेचर में वायरस मर जाते हैं पनपते नहीं है.कुछ भी खाने से पहले और बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद हमेशा साबुन और पानी से हाथ धोएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

