Iran-US-Israel War: इस समय दुनिया संकट से जूझ रही है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब सिर्फ राजनीतिक संकट तक सीमित नहीं रहा. बल्कि ये एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है. क्योंकि सभी चीजों की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें दवाएं भी अब शामिल होती जा रही हैं. दरअल स्पलाई चेन प्रभावित होने के कारण दवाओं की सप्लाई भी हो पाना काफी मुश्किल सा होता जा रहा है.
इसमें भी अहम बात ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाएं, इंसुलिन यहां तक की मेडिकल सपोर्ट भी खतरे में पहुंचता जा रहा है. हालांकि इसपर WHO की ओर से चेतावनी दी जा चुकी है. जिसमें दवाओं की डिलीवरी में देरी, लागत में बढ़ोतरी, या फिर सप्लाई चेन में तेजी से आ रही रुकावटों की जानकारी शामिल हैं. इसका खासतौर पर असर अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में अधिक देखने को मिल रहा है. ऐसे में चिंता की बात है कि अगर स्थिती इसी तरह बनी रही तो आने वाले समय में ये संकट और भी गहरा हो सकता है. जरूरत का सामान मिलने के साथ-साथ दवाओं का संकट भी गहरा सकता है.
कैंसर जैसी दवाओं पर पड़ा अफेक्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध ने खाड़ी के क्षेत्र में कैंसर, इंसुलिन जैसी दवाएं और इन दवाओं की सप्लाई पर काफी अफेक्ट डाला है. उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी इसपर कंफर्मेशन दे दी है. WHO का कहना है कि उनके इमरजेंसी मेडिसिन सप्लाई चेन काफी बुरी तरह प्रभावित हुई है. चारों ओर युद्ध की चर्चा जारी है. युद्ध के कारण काफी मुश्किलें हो रही हैं.
ऐसे में सवाल आता है कि आखिर युद्ध के कारण कैसे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, तो इसका जवाब है कि युद्ध ने हवाई, समुद्र और जमीनी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को काफी प्रभावित किया है. ट्रांसपोर्ट सिस्टम के प्रभावित होने से सप्लाई चेन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस कारण से रूट्स पर सप्लाई की लागत 30 प्रतिशत तक बढ़ी है. वहीं जो दवाएं जरूरी है उन्हें दूर के रास्ते से भेजा जा रहा है. बॉर्डर पर देरी और फ्यूल की कमी से सप्लाई धीमी हो गई है. कई जगह दवाओं का बैकलॉग बन रहा है.
- मिडिल ईस्ट में कई देशों के एयरस्पेस बंद होने से फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है.
- होरमुज जलसंधि में तनाव के कारण शिपिंग में देरी.
- ट्रांसपोर्ट और इंश्योरेंस की लागत बढ़ने से दवाएं महंगी हो रही हैं.
- दुबई जैसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब से सप्लाई प्रभावित
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जरूरी दवाओं पर पड़ रहा प्रभाव
वहीं कैंसर की दवाओं पर प्रभाव पड़ रहा है. ये दवाएं समय पर न मिलने से इलाज प्रभावित हो रहा है. इंसुलिन की कमी जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत जरूरी हैं. वैक्सीन और इमरजेंसी किट जो आपदा और युद्ध क्षेत्रों में जरूरी. वहीं खास बात ऐसी दवाओं को खास तापमान की जरूरत होती है. जो समय पर डिलीवरी की जरूरत होती है.
अगर थोड़ी देर हो जाए तो गंभीर असर डाल सकती है. एक सवाल ये भी आता है कि आखिर सप्लाई चेन क्यों प्रभावित हता है, इसके पीछे का कारण है कि ग्लोबल फार्मा का सिस्टम पूरी तरह के आपस में कनेक्टेड होता है. अब दवाओं के कच्चे पदार्थ अलग-अलग देशों से आते हैं. निर्माण, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन अलग-अलग जगहों से होता है. जस्ट-इन-टाइम सिस्टम में स्टॉक कम रखा जाता है. इसलिए किसी एक क्षेत्र में संकट पूरे सिस्टम को प्रभावित कर देता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


