Irritable Bowel Syndrome 2026: IBS यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम ये फंक्शनल गट डिसऑर्डर है. जिससे आज कई लग परेशान हैं. जानकारी के मुताबिक ये बीमारी हमारे पेट की बड़ी आंत को अफेक्ट करती है. ऐसे में क्या है ये पेट की बीमारी आज वर्ल्ड IBS डे पर इसके बारे में विस्तार से जानेंगे. जानेंगे कि आखिर किन लोगों में इस बीमारी का खतरा अधिक बढ़ सकता है. साथ ही इसके लक्षण क्या है जिनकी पहचान कर आप इससे बच सकते हैं.
आपको बता दें कि साल 2010 में वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे की शुरुआत हुई थी. इसकी शुरुआक यूरोप की एक संस्था यूरोपियन फेडरेशन ऑफ क्रोहन एंड अल्सरेटिव कोलाइटिस एसोसिएशन की ओर से की गई थी. बस उसी दिन से हर साल 19 मई को दुनियाभर में करीब 50 से अधिक देशों में इसे मनाया जाता है. तभी से वर्ल्ड इरिटेबल बाउल सिंड्रोम डे मनाया जाता है.
IBS की समस्या क्यों होती है
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ये समस्या होती क्यों है? इसपर कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई फैटर्स इसके जिम्मेदार होते हैं. इसका सीधा कनेक्शन मेंटल स्ट्रेस से जुड़ा होता है. यानी अगर आप अधिक स्ट्रेस लेते हैं, तो ये समस्या हो सकती हैं. हालांकि स्ट्रेस को कम करने के लिए आप योगा या फिर मेडिटेशन कर सकते हैं. वहीं सिर्फ मेंटल स्ट्रेस से नहीं बल्कि अगर आप अपनी डाइट में हल्का बदलाव भी लाते हैं, तो भी ये समस्या आपको हो सकती है.
IBS के लक्षण क्या है?
अब इसके लक्षणों के बारे में जान लेते हैं जिसे पहचानकर आप इससे बच सकते हैं. इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का जो लोग शिकार होते हैं उन्हें पेट दर्द या फिर ऐंठन महसूस होती है. अगर ऐसा महसूस हो तो आपको अलर्च हो जाना चाहिए. इतना ही नहीं गैस, पेट फूलना, इस तरह के लक्षण भी आईबीएस की समस्या की ओर ही इशारा करते हैं. कई बार इस समस्या के दौरान दस्त या फिर कब्ज जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. आप कैसे ध्यान रख सकते हैं. अगर आप खाना खाते हैं और खाना खाने के बाद अनकंफर्टेबल महसूस कर रहे हैं, तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए.
कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
ये भी जानना जरूरी हो जाता है कि ये केस कब अधिक बिगड़ जाता है. कब आपको डॉक्टर को चेक करवा लेना चाहिए. दरअसल अगर आपको इस तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देरी किए आप डॉक्टर से इसे चेक करवा लें. क्योंकि देरी करना आपको काफी भारी पड़ सकता है. कुछ चीजों को नोटिस करना चाहिए जैसे वजन अगर कम हो रहा हो, मल यानी पॉटी में खून आ रहा हो, बुखार हो रहा हो. इस तरह के लक्षण दिखने पर आपको डॉक्टर से कंसल्ट करवा लेना चाहिए इसमें देरी नहीं करनी चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

