Lung Cancer Risk After Covid: 22 मार्च साल 2020 की वो तस्वीरें आज भी लोगों के जहन में बसी हुई है. ये समय था कोरोनाकाल का. बढ़ती हुई मौतों के आंकड़ों ने ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसकी नींद न उड़ाई हो. हालांकि कुछ लोग इस भयावह काल में इस महामारी की चपेट में आ गए थे. कुछ इस वायरस से लड़ते हुए बच निकलने में भी कामयाब हुए थे.
ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई जो इस ओर इशारा करती हैं कि जो लोग कोविड 19 या फिर फ्लू इंफेक्शन से उभर के सामने आए थे, उनमें कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. ये रिपोर्ट काफी डराने वाली है. लेकिन क्या हकीकत में ऐसा कुछ है? रिसर्च बताते हैं कि इस खतरनाक बीमारी की वजह शरीर में होने वाले कुछ लंबे समय तक रहने वाले बदलाव हो सकते हैं.
लंग कैंसर का कैसे हो सकता खतरा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब हमारा शरीर किसी भी गंभीर वायरस या फिर इंफेक्शन की चपेट में आता है तो इसका असर सीधे तौर पर लंग्स पर पड़ता है. इतना ही नहीं सेहत ठीक होने के बाद भी इसका असर होता है. यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के कार्टर सेंटर ने इसपर एक चौंकाने वाली रिसर्च की है. रिसर्च में सामने आया कि कोविड 19 या फिर फ्लू जैसे गंभीर इंफेक्शन भविष्य में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. रिसर्चर्स ने ये पाया कि हमारे शरीर में मिलने वाले कुछ खास इम्यून सेल्स जैसे न्यूट्रोफिल या फिर मैक्रोफेज. ये वो इम्यून सेल्स हैं जो हमें किसी भी इंफेक्शन की चपेट में आने से बचाते हैं. अब अगर आप किसी ऐसी बीमारी की चपेट में आते हैं, तो ये सेल्स पर भी काफी अफेक्ट पड़ता है. इन सेल्स के काम करने की क्षमता खत्म होती जाती है.
सूजन बढ़ाने का काम करते हैं ये सेल्स
रिसर्च के अनुसार कई ऐसे मामले हैं जहां अगर इस बीमारी की चपेट में आते हैं, तो इस तरह के सेल्स अनयूजल यानी असामान्य रूप से बढ़ने लगती है. जिसका नतीजा ये सेल्स सूजन कम करने की बजाए उसे बढ़ाने लगती है. ये कंडिशन हमारे शरीर में आगे चलकर कैंसर या फिर ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों को आमंत्रण देते हैं. इस स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ कि जो लोग पहले ही वैक्सीनेशन लगवा चुके हैं उनमें कैंसर का खतरा नहीं बढ़ा. लेकिन कुछ ऐसे मामले भी थे जिनमें रिस्क थोड़ा कम भी पाया गया है. अब ऐसे में क्या करें? ये जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि किन लोगों को कैंसर का खतरा हो सकता है. आइए जान लेते हैं.
किन लोगों को हो सकता कैंसर का खतरा
जानकारी के अनुसार कैंसर का अधिक खतरा उन लोगों को ज्यादा है जिन्हें पहले कोवि़ड 19, फ्लू या फिर निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी हुई और अस्पताल में एडमिट होना पड़ा था. ये कहना गलत नहीं होगा कि ऐसे लोग जिनकी स्थिती काबू से बाहर हो चुकी थी. वहीं जो लोग हल्के इंफेक्शन का शिकार हुे थे उनमें बीमारी का खतरा नहीं है. हालांकि, जरूरी है कि जो लोग गंभीर रूप से इन वायरस व फ्लू का शिकार हुए थे, उन्हें रिकवरी के बाद रेगुलर हेल्थ चेकअप कराते रहना चाहिए, ताकि किसी भी असामान्य बदलाव को वक्त रहते पकड़ा जा सके और इलाज संभव हो सके.
यह भी पढ़ें: ‘खूब पानी पिओ पथरी नहीं होगी’, क्या आपको भी दी जाती है ऐसी सलाह? ये रिसर्च दूर करेगी गलतफहमी!
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


