Prevention Of Headache: आज के समय में बड़े से लेकर छोटे बच्चे तक सभी सिरदर्द की परेशानी से जूझ रहे हैं. उन्हें लगता है कि यह सिरदर्द कहीं बड़ी बीमारी न बन जाएं, इसलिए मेडिकल चेकअप कराने में लगे रहते हैं. मेडिकल चेकअप के दौरान वह लंबी-लंबी रिपोर्ट अपने हाथों में लिए इस कारण का पता लगाने में जुटे रहते हैं कि आखिर सिरदर्द हो क्यों रहा है? सिरदर्द का बड़ा कारण क्या है? कहीं ये बड़ी बीमारी का संकेत तो नहीं? इसलिए वह हर तरह के चेकअप करा लेते हैं.
MRI, ब्लड टेस्ट, एक्स-रे आदि सभी तरह के मेडिकल चेकअप कराकर हाथों में एक लंबी रिपोर्ट थामे रहते हैं. लेकिन जब सभी तरह की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आती है तो परेशान हो जाते हैं कि आखिर सिरदर्द का कारण क्यास है? अगर सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य है तो सिरदर्द क्यों हो रहा है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि आखिर आज के समय में सिरदर्द सामान्य बीमारी कैसे बना गई, और हर दूसरा इंसान इस बीमारी से क्यों जूझ रहा है? क्या बड़ी वजह है कि सिरदर्द एक सामान्य बीमारी बन गया है, और मेडिकल चेकअप में इनके रिजल्ट को दिखाई नहीं देते.चलिए जानते हैं.
सिरदर्द के बड़े कारण
स्ट्रेस: दौड़ती भागती जिंदगी में जहां ठहर कर खाना खाने तक का समय नहीं सिर्फ आगे-पीछ काम ही काम नजर आता है ऐसे में स्ट्रेस होना आम बात है. काम के प्रेशर में स्ट्रेस होना आम है. जब व्यक्ति लगातार काम का प्रेशर लिए रहता है तो उसके दिमाग पर असर पड़ता है जिससे उसके सिर में दर्द होता है. काम को हर समय सोचना सिरदर्द का बड़ा कारण हो सकती है. स्ट्रेस को तनाव, एंजाइटी भी कहा जाता है.
गलत पोस्चर: आज के समय में सभी का काम सिस्टम, लैपटॉप पर बैठे-बैठे हो जाता है. एक छोटी सी दुकान हो या फिर बड़ा बिजनेस सभी काम ऑनलाइन और सिस्टम पर ही होते हैं. वहीं जब व्यक्ति सात से आठ घंटे बैठे बैठे काम करता है तो उसे अपने पोस्चर का ध्यान ही नहीं रहता वह किसी भी एंगल में बैठकर काम करने लगता है. ऐसे में गलत पोस्चर भी आपके सिरदर्द का कारण हो सकता है. अगर आप सिस्टम या फिर लैपटॉप पर अपनी गर्दन झुकाकर बैठते हैं तो अपके गर्दन और कंधों पर दबाव पड़ता है जिससे वह दबाव धीरे-धीरे सिर तक पहुंच जाता है और सिरदर्द का कारण बनता है.
स्क्रीन का ज्यादा यूज करना: स्क्रीन का ज्यादा यूज करना, आज के समय में छोटा बच्चा हो या बड़ा सभी के हाथों में मोबाइल फोन रहता है. सिरदर्द होने का ये बड़ा कारण हो सकता है, जब आंखों पर स्क्रिन टाइम बढ़ता है तो आंखों पर जोर पड़ता है जिसकी वजह से सिरदर्द हो सकता है. इसलिए स्क्रीन पर काम करते समय कुछ-कुछ समय पर अपनी आंखों को आराम देने के लिए स्क्रीन से उचित दूरी बनानी जरूरी होती है.
नींद में कमी: बिजी लाइफस्टाइल में जहां काम का ज्यादा प्रेशर है वहीं लोगों के खाना-खाने और सोने के पैटर्न पर बदलाव हुए हैं जिसकी वजह से वह प्रोपर नींद नहीं ले पाते और यह सिरदर्द का कारण बनता है. जब वयक्ति प्रोपर नींद नहीं ले पाता तो उसके हार्मोनल डिस्बैलेंस हो जाते हैं और उसकी मांसपेशियों में तनाव बढ़ जाता है जिससे सिरदर्द होता है.
इसलिए आपकी रिपोर्ट आ रही नॉर्मल
अगर आपके भी सिरदर्द की रिपोर्ट नॉर्मल आ रही है तो खुश हो जाइए क्योंकि पहली बात तो यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं। बल्कि सिरदर्द होने का बड़ा कारण है आज की बदलती लाइफस्टाइल, जिसमें आप इत्मीनान से न तो ब्रेकफास्ट कर पा रहे हैं न ही लंच और डिनर
इसके अलावा आपका डेली रूटीन तक हो सकता है. यानि आपके काम करने के तरीके में गड़बड़ी का होना, जिसके कारण आप परेशान हो जाते हैं और दिमाग पर ज्यादा स्ट्रेश ले लेते हैं. इस वजह से भी सिरदर्द हो सकता है. सिरदर्द की रिपोर्ट नॉर्मल है तो ज्यादा घबराने की बात नहीं अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कीजिए और फिर सिरदर्द देखिए कैसे गायब हो जाता है.
सिरदर्द कैसे कम करें
- आज के समय में आप स्ट्रेस को अपनी लाइफ से निकाल तो नहीं सकते लेकिन सिरदर्द न हो इसके लिए आपको हर स्थिति और परिस्थिति में पॉजिटिव रहना है.
- गुस्सा कम करना।
- गुस्सा आने पर शांत जगह पर चले जाएं।
- खाने-पीने की चीजों का ध्यान रखें।
- वीकेंड में ऐसी गतिविधियां करें जो मन को खुश कर दें
- अच्छे लोगों से मिलें
- खुद को खुश रखें
- काम के दौरान ब्रेक लेते रहें
- टाइम मैनेंजमेंट करें
- काम को एक साथ न करें, कई हिस्सों में बांटे
- प्रोपर नींद लें
- डाइट का पूरा ध्यान रखें।
- एक्सरसाइज योग करें
- अगर बिजी लाइफ में एक्ससाइज करने का समय नहीं मिल पा रहा तो वीकेंड में योग और एक्सरसाइज करें
- स्ट्रेस को अपने जीवन में आने की कम जगह दें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


