Measles Prevention And Vaccination: बांग्लादेश इस समय एक खतरनाक बीमारी की मार झेल रहा है. बीते एक मीहने में यहां 100 से अधिक बच्चों की मौत हो गई है. इसके पीछेका कारण है मीजल्स यानी खसरा. मीजल्स के कारण ही पिछले एक महीने में 100 बच्चों की मौत हो गई. अब इसे लेक इंटरनेशनल संगठनों ने हाथ मिलाया है. साथ ही बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया.
इस अभियान के तहत तेजी से फैल रही इस बीमारी पर रोक लगाने का मकसद है. ऐसे में सवाल आता है कि बीमारी को किस तरह से रोका जाएगा. इसे रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल कि आखिर मीजल्स यानी खसरा होता क्या है. ये आखिर फैलता कैसे है. इसके बारे में डिटेल में जानेंगे. जानकारी के अनुसार बांग्लादेश सरकार ने इस अभियान की शुरुआत 5 अप्रैल से की है.
5 अप्रैल से हुई अभियान की शुरुआत
स्थानिय सरकार ने यूनिसेफ, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और गावी, द वैक्सीन एलायंस के साथ साझेदारी में इमरजेंसी खसरा-रूबेला वैक्सीनेशन अभियान को शुरू किया है. सरकार का इस अभियान के तहत लक्ष्य उन 12 लाख से ज्यादा बच्चों को सुरक्षा देता है. इसपर बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने तेजी से कदम उठाए हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
खसरा की बीमारी कैसे फैलती है?
अब जान लेते हैं कि आखिर ये बीमारी फैलती कैसे है? तो बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी (WHO) के मुताबिक खसरा एक खास तरह का इंफेक्शन वायरस है. जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है. साथ ही कई गंभीर दिक्कतों के साथ मौत का कारण भी बन सकती है. जानकारी के अनुसार इससे मौत के आंकड़ें पिछले मार्च से अब तक 900 से अधिक सामने आ चुके हैं. जानकारी के अनुसार ये अभियान छह महीने से लेकर पांच साल तक के बच्चों पर ही केंद्रित है. लेकिन खासतौर पर उन जिलों का खास ख्याल रखा जा रहा है जहां खतरा कई अधिक है.
मीजल्स के क्या है लक्षण?
इस बीमारी से बचने के लिए आप इनके शुरुआती लक्षणों की जानकारी पा सकते हैं. जैसे तेज बुखार, सूखी खांसी, बहती नाक, आंखों में जलन होना, गालों पर छोटे या फिर सफेद धब्बे होना, पूरे शरीर पर लाल रंग के दाने होना. ये मीजल्स के शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकते हैं. ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के जरिए ट्रांसफर होता है. यानी जब कोई व्यक्ति इसका शिकार होता है उसके छींकने या फिर खांसने पर ये वायरस 2 घंटे तक हवा में जीवित रह सकता है. अब जिन व्यक्तियों ने इसका टीका नहीं लगवाया होगा वो जल्द ही इसके संक्रमण में आ सकता है. जिसके कारण खसरा बढ़ सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.


