Best And Easy Exercises: एक्सरसाइज और योग में बहुत बड़ा अंतर होता है. लेकिन ये जरूरी नहीं कि एक्सरसाइज को केवल जिम जाने वाले लोग ही कर सकते हैं. कुछ आसान एक्सरसाइज भी होती है जो बच्चों से लेकर बुजुर्ग आसानी से कर सकते हैं. इन्हें करने के लिए किसी प्रकार की कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती न ही किसी खास ट्रेनर की जरूरत होगी.
योग (Yoga) और एक्सरसाइज (Exercise) में मुख्य अंतर उनके उद्देश्य और प्रभाव में है. योग मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने की एक समग्र प्रक्रिया है जो स्थिरता पर जोर देती है, जबकि एक्सरसाइज मुख्य रूप से शारीरिक शक्ति, स्टैमिना और कैलोरी बर्न करने के लिए की जाने वाली गति-आधारित प्रक्रिया है. योग आंतरिक स्वास्थ्य (मानसिक शांति) और एक्सरसाइज बाहरी फिटनेस (मांसपेशियों) पर ध्यान केंद्रित करती है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि ऐसी कौन सी एक्सरसाइज है जो बड़ा भी आसानी से कर सकता है.
कुछ आसान एक्सरसाइज
साइड टू साइड स्टेप: साइड टू साइड स्टेप करने के लिए आपको सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ेगा या फिर एक छोटी दीवार के सहारे भी कर सकते हैं. बस आपको सीढ़ियों के सामने खड़े होना है फिर एक पैर को साइड से ऊपर रखें और फिर नीचे लाएं. बारी-बारी पैरों को दोहराएं. बस ध्यान रखें कि इस एक्सरसाइज को करते समय चेस्ट सीधी हो.
वॉक अप डाउन: वॉक अप डाउन करने के लिए एक पैर सीढ़ी पर रखें और दूसरा जमीन पर. इसके बाद दूसरा पैर ऊपर रखें और पहला नीचे ले आएं. इस तरह से बारी-बारी इस एक्सरसाइज को करें. इसी तरह ऊपर-नीचे चलते हुए करें.
क्रॉस जम्पिंग: क्रॉस जम्पिंग करने के लिए कमर पर हाथ रखें. अब एक पैर को क्रॉस स्टाइल में ऊपर और नीचे करते हुए कूंदे. इसके लिए आप सीढ़ीयों की मदद ले सकते हैं. सीढ़ी के पास साइड में खड़े हो जाएं और एक पैर को दूसरे के ऊपर क्रॉस करते हुए कूंदे.
जंप स्क्वाट: जंप स्क्वाट करने के लिए आपको पैरों को कंधे की चौड़ाई में खोल लें. अब स्क्वॉट पोजिशन में जाकर सीढ़ी पर कूदें और फिर उसी पोजिशन में नीचे उतरें.
पैदल चलना: यह सबसे आसान एरोबिक व्यायाम है, जो दिल और शरीर को मजबूती देता है.
योग/स्ट्रेचिंग: ताड़ासन, वृक्षासन या साधारण स्ट्रेचिंग से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है.
एक्सरसाइज करने के फायदे
- मसल्स मजबूत होती हैं.
- वजन कंट्रोल में रहता है.
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
- मूड सुधरता है
- फोकस और ब्रेन फंक्शन बढ़ता है
- एनर्जी बूस्ट होती है
- मेटाबॉलिक हेल्थ सुधरती है
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सुधरता है
- टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है
- इम्यूनिटी बढ़ने से इंफेक्शन के खतरे में कमी आती है
- हड्डियों और जोड़ों को मजबूती मिलती है
- कई क्रोनिक हेल्थ कंडीशन को मैनेज करना आसान हो जाता है
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


