Eye Twitching Causes: अक्सर लोग आंखों के फड़कने को आम समस्या मानते हैं. वह इसे ज्योतिष से जोड़कर देखते है. जैसे दाई आंख फड़की तो बुरा होगा बाई आंख फड़की तो अच्छा होगा जैसे तर्क लोगों के बीच खूब लोकप्रिय हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आंखों की सेहत के लिए जरूरी है कि इन संकेतों को ज्योतिष से जोड़ने की बजाए सेहत से जोड़कर देखा जाए.
जिन लोगों को नहीं पता कि आंखों का फड़कना नहीं क्या होता है उन्हें बता दें कि आंखों का फड़कना यानि आंखों में कुछ अजीब सी कंपन होना. इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि आंखों की सतह पर अजबी सा कंपन महसूस होना जैसै दिल तेजी से धड़कता है वैसे ही आंखों में कुछ अजीब सा कंपन होता है. जिसे लोग आंखों का फड़कना कहते हैं. कभी कभार यह अपने-आप ठीक हो जाता है. लेकिन अक्सर ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है. ऐसे में ये आंखों की सेहत का संकेत बता रहे होते हैं.
आंखों का फड़कना न्यूरोलॉजिकल समस्या
एक्सपर्ट बताते हैं कि आंखों का फड़कना किसी शुभ-अशुभ का संकेत नहीं बल्कि एक न्यूरो-मस्कुलर प्रतिक्रिया हो सकती है. डॉक्टर इसे मायोकाइमिया कहते हैं. वहीं कुछ मामलों में डॉक्टर इसे न्यूरोलॉजिकल समस्या भी बताते हैं.
न्यूरोलॉजिकल (Neurological) का अर्थ तंत्रिका तंत्र (Nervous System) से संबंधित है, जिसमें मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord), और नसों से जुड़े विकार शामिल हैं. यह चिकित्सा की वह शाखा है जो शरीर की गतिविधियों, याददाश्त, और संवेदनाओं को नियंत्रित करने वाली प्रणालियों में खराबी, जैसे स्ट्रोक, मिर्गी, या अल्जाइमर का अध्ययन और उपचार करती है.
हो जाएं सतर्क
अगर आपकी भी आंखें लगातार फड़क रही है तो आपको सतर्क होने की जरूरत है. आंखों का फड़कना कोई आम लक्षण नहीं बल्कि आंखों में लालिमा, सूजन या दर्द की समस्या हो सकती है. इसके अलावा अगर आंखें बार-बार अपने आप बंद हो जाएं या चेहरे के अन्य हिस्सों में हलचल महसूस हो तो सतर्क होने की जरूरत है. इस तरह के संकेत गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं. कई बार कुछ बीमारियों की वजह से भी आंखें फड़क सकती हैं.
इन वजहों से फड़कती है आंख
आंख फड़कने के काई कारण हो सकते हैं, जैसे नींद की कमी, तनाव, ज्यादा स्क्रीन टाइम, शरीर में पोषण की कमी. एक्सपर्ट कहते हैं जब आंखों की मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है तो वह फड़कने लगती हैं. इसलिए आंखों की सेहत के लिए अच्छी डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं, मैग्नीशियम, विटामिन बी12 और पोटेशियम से भरपूर खाना खाएं. अपनी मानसिक सेहत को दुरूस्त रखें. सबसे जरूरी बात है मानसिक सेहत को सही रखना क्योंकि स्ट्रेस और तनाव का पूरा असर हमारी आंखों पर पड़ता है, जिससे आंखों की मांसपेशिया कमजोर होने लगती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


