MP Free HPV Vaccination Campaign: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बालिकाओं को माता-पिता की अनुमति के बिना HPV वैक्सीन लगाई गई, जिसके बाद बालिकाओं का स्वास्थ्य खराब हो गया। यह वैक्सीन बच्चियों को क्यों लगाई गई? आखिर क्या है इस खबर के पीछे की पूरी सच्चाई? चलिए जानते है विस्तार से पूरी खबर।
दरअसल आए दिन सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ कंटेट वायरल होता रहता है। लेकिन क्या इन खबरों पर हमें पूरी तरह से विश्वास करना चाहिए? जी नहीं, इसलिए इन खबरों पर पूरी तरह से विश्वास करने से पहले, इनके फेक्ट जरूर चेक करें।
क्या है खबर? HPV Vaccination
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में पांच बच्चियों को माता-पिता की अनुमति के बिना HPV वैक्सीन (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन) लाई गई। यह खबर पूरी तरह से गलत है। PIB ने बताया कि, आशा कार्यकर्ता द्वारा टीकाकरण से पूर्व पैरेंट्स को वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी दी गई थी। पैरेंट्स को जानकारी देने के बाद ही वैक्सीन लगाई गई। माता-पिता की पूरी तरह से अनुमति थी। यहां तक कि टीकाकरण से पहले सभी का U-WIN पोर्टल पर पंजीकरण भी किया गया। वहीं टीकाकरण के बाद आधे घंटे तक निगरानी भी की गई।

फिर कैसे बिगड़ी तबयत
दरअसल बच्चियों ने वैक्सीन के बाद जंक फूड या बाजार की चीजों का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उनकी तबियत खराब हो गई थी। PHC में प्राथमिक उपचार के बाद बालिकाएं अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
MP सरकार का Vaccination अभियान
मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी-मार्च 2026 में 14-15 वर्ष की लगभग 8 लाख किशोरियों को मुफ्त HPV वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है। बता दें कि ये HPV वैक्सीन बाजार में 4000 रुपए से ज्यादा कीमत की पड़ती है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार के इस वैक्सीनेशन अभियान (MP Free HPV Vaccination Campaign) का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर (महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर) से बचाव करना है, जो HPV नामक वायरस से होता है।
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