Blue Mind Therapy: मेंटल हेल्थ जिसे आम भाषा में मानसिक स्वास्थ्य के नाम से जाना जाता है. अगर किसी व्यक्ति का मेंटल हेल्थ ठीन न हो तो उसे तनाव, डिप्रेशन, नींद न आना यहां तक आत्महत्या तक के विचार आ सकते हैं. इसलिए एक व्यक्ति का न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी ठीक रहना जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति मानसिक रुप से ठीक नहीं होता तो उसके सोचने और व्यवहार करने के तरीके पर गहरा बुरा असर पड़ता है.
मेंटल हेल्थ को ठीक करने के लिए कई लोग म्यूजिक सुनना, पढ़ना या फिर कई तरह की थेरेपी तक करवाते हैं. वहीं कई लोग ध्यान, माइंडफुलनेस, गहरी सांस लेने के व्यायाम, मसाज थेरेपी, जर्नलिंग डायरी लिखने जैसे तरीके ढूढ़ते हैं. अगर आपके जीवन में जरूरत से ज्यादा तनाव है या फिर आप भी मेंटल हेल्थ से जूझ रहे हैं तो आपको भी एक बार ब्लू माइंड थेरेपी की मदद लेनी चाहिए.
जानें ब्लू मांइड थेरेपी
ब्लू माइंड थेरेपी (Blue Mind Therapy) का मतलब है कि समुद्र, नदियों, झीलों या फव्वारों जैसे जल स्रोतों के आस-पास समय बिताकर मानसिक शांति, तनाव में कमी और रचनात्मकता बढ़ाने का एक साइंटिस्ट तरीका है. मरीन बायोलॉजिस्ट वॉलेस जे. निकोल्स के अनुसार, पानी के आसपास रहने से दिमाग ‘रेड माइंड’ (तनाव) से निकलकर ‘ब्लू माइंड’ (शांतिपूर्ण) अवस्था में आ जाता है, जिससे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं.
कैसे होगा मददगार?
ब्लू माइंड थेरेपी से ही समझ में आ रहा है कि ब्यू यानि आसमानी, नीला रंग का प्रयोग करके मन को शांत कर सकते हैं. बता दें कि नीला रंग मुख्य रूप से शांति, स्थिरता, बुद्धिमत्ता, विश्वास और गहराई का प्रतीक होता है. यह आसमान और सागर का रंग है, जो मानसिक शांति, रचनात्मकता और सकारात्मकता को बढ़ावा देता है. इसलिए ये रंग मानसिक शांति देता है. किसी पानी वाली जगह यानि समुद्र, तलाब, या फिर बीच के पास जाकर आप शांति से जाकर बैठ सकते हैं, बस यही है ब्लू माइंड थेरेपी. साथ ही ये रंग मन को शांति देता है साथ ही क्रिएटिवटी को भी बढ़ाता है. पानी या फिर नीले रंग को देखने भर से ब्रेन में डोपामाइन और सिरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो आपके मेंटल हेल्थ को सही करता है.
हर उम्र के लोग ले सकते हैं थेरेपी
इस थेरेपी की खास बात ये है कि ये सुरक्षित और आसान तरीकों से की जा सकती है. साथ ही ये हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है. डब्लूएचओ के अनुसारस भारत में लगभग 15 प्रतिशत लोग मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं. ऐसे में इस समस्या को दूर करने के लिए इस थेरेपी को आसानी से किया सकता है.
ब्लू माइंड थेरेपी में मददगार चीजें
बीच वॉक, पानी पीना, स्विमिंग करना जैसी गतिविधियां ब्लू माइंड थेरेपी का हिस्सा है. आपको किसी खास इंसान के पास जाने की जरूरत नहीं बल्कि अगर आप तनाव से परेशान है तो आप किसी बीच वाली जगह जाकर समय बीता सकते हैं. कुछ देर वहां बैठ सकते हैं. खुद को हाइड्रेट रखें ये तरीका भी आपको मानसिक शांति देता है, जितना हो सके पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. दरअसल पानी की कमी के कारण थकान, कमजोरी और स्ट्रेस हो सकता है. इसलिए जितना हो सके काम के बीच में पानी का सेवन लगातर करते रहें. वहीं जिन लोगों को स्विमिंग आती है, वह पानी के अंदर जाकर अपने मन को शांत कर सकते हैं. पूल में जाकर अपने शरीर को रिलेक्स करें. और हो सके तो उस पानी के पास थोड़ी देर जाकर बैठे.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


