Obesity Hypoventilation Syndrome: गुरुग्राम के सीका बिड़ला अस्पताल में एक ऐसा मरीज अस्पताल पहुंचा जहां डॉक्टरों के लिए भी इसका इलाज करना किसी चमत्कार से कम नहीं था. क्योंकि इस केस में रिस्क काफी ज्यादा था. जानकारी के अनुसार 75 साल की एक महिला जिसे अस्पताल वालों ने जिंदा बचा भी लिया और घर जाने के लिए डिसचार्ज भी दे दिया. क्या है ये पूरा मामला आइए जानते हैं.
अस्पताल में 70 साल का एक महिला पहुंची जिसका वजन 160 किलो था. जानकारी के अनुसार महिला हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम नाम की एक गंभीर बीमारी का शिकार थी. इस बीमारी से ग्रसित इंसान पर्पाप्त मात्रा में सांस नहीं ले पाता है. यानी सांस लेने में समस्या आती है. खून में ऑक्सिजन लेवल भी लगातार गिरने लगता है. जबकि कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है.
कई अन्य बीमारियों से परेशान थी महिला
जब शरीर में एक साथ इतना सारा फैट हो तो आपको कई अन्य बीमारियां भी परेशान कर सकती है. ऐसा ही इस महिला के साथ भी हुआ. महिला को कई अन्य बीमारियों ने भी जकड़ रखा था. जिसमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, एंग्जायटी और लंबे समय तक एक ही बिस्तर पर रहने से बेडसोर की समस्या भी हो चुकी थी. जानकारी के अनुसार महिला को अस्पताल में काफी गंभीर हालत में लाया गया था. जानकारी के अनुसार जांच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि महिला के फेफड़ों में निमोनिया और हार्ट की गंभीर बीमारी भी थी. इन गंभीर बीमारी का भी सामना करना पड़ रहा था. स्थिती इतनी खराब थी की महिला को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा.
24 घंटे बाद हुआ सुधार
जानकारी के अनुसार महिला को 24 घंटे के लिए ICU में भर्ती कर दिया गया था. जहां इलाज के बाद ही स्थिती में सुधार देखने को मिला. बुखार, इंफेक्शन काफी कम होने लगे थे. जिसके बाद छाती का एक्स-रे किया गया जिसमें सुधार देखा गया और दिल से जुड़े सिग्नल्स भी बेहतर होने लगे. इन सभी सकारात्मक बदलाव के बाद डॉक्टरों ने 36 घंटे के बाद वेंटिलेटर हटाने का फैसला लिया. यहां स्थिती ठीक नहीं हुई. बताया गया कि महिला को जैसे ही वेंटिलेटर से हटाया गया उसकी हालत अचानक बिगड़ी. उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरा और उन्हें फिर से तुरंत वेंटिलेटर पर रखना पड़ा.
क्यों हुई सांस लेने में समस्या
महिला क सांस लेने में समस्या क्यों हुई इसका जवाब अस्पताल में पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर कुलदीप कुमार ग्रोवर ने जानकारी दी और कहा कि महिला को सांस लेने की गंभीर समस्या मोटापे के कारण हुई. डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मरीजों के लंग्स की क्षमता काफी कम हो जाती है. जिससे बॉडी खुद से ही पर्याप्त सांस नहीं ले पाते. डॉक्टर ने बताया कि ये केस मरीज के इंफेक्शन और दिल से जुड़े पैरामीटर्स को तो सुधार रहे थे. लेकिन मोटापा सांस लेने की क्षमता को कम करने का बड़ा कारण रहा था. जिसके कारण वेंटिलेटर से हटाने के बाद उनकी समस्या और बढ़ गई.
कैसे बचाई गई महिला की जान?
इन सबको देखते हुए डॉक्टरों ने अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव किए. जिसमें मरीज को लंबे समय तक खुद से सांस लेना सिखाया गया इसकी ट्रेनिंग दी गई. जिसके बाद प्रेशर सपोर्ट को कम किया गया औऱ ब्रोंकोस्कोपी की मदद से एयरवे को पूरी तरह तैयार किया गया. बड़ी ही सावधानी और प्लानिंग के बाद डॉक्टर ने वेंटिलेटर हटाने की सफल प्रक्रिया की.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


