Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी को बुधवार को बड़ा झटका लगा है. दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया. प्रतीक जो कि अखिलेश के भाई थे जसके कारण समाजवादी पार्टी में शोक की लहर गूंज रही है. फिलहाल निधन का क्या कारण है शुरुआती समय में इसकी जानकारी सामने नहीं आई थी. लेकिन अब तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी जानकारी है कि फेफड़ों की बीमारी से पिछले काफी समय से प्रतीक ग्रसित थे.
जानकारी के मुताबिक इसी बीममारी के चलते एक हफ्ते से मेदांता अस्पताल में भी भर्ती थे. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अब भी बाकी है. रिपोर्ट सामने आने के बाद ये तस्वीर सामने आ जाएगी कि आखिर मौत का असली कारण क्या था. लेकिन इस बीच प्रतीक की तस्वीर पर काफी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. जिसमें उनकी नाखून की उंगलियां और कई अंग नीले दिखाई दिए. ये सवाल लोगों के मन में है कि आखिर ऐसा कब और किस कंडिशन में होता है. नाखूनों का रंग बदलना किस बीमारी के कारण होता है. अगर आप भी इसका जवाब चाहते हैं तो चलिए डिटेल में जान लेते हैं.
हल्के में न लें नीले नाखून
अक्सर हमारे नाखूनों का रंग गुलाबी रंग का होता है. लेकिन जब शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगे. जिस कारण ब्लड का फ्लो अफेक्ट होता है, तो हमारे नाखूनों का रंग बदलता है और नीला बैंगनी रंग का दिखाई देने लगता है. इस कंडिशन को कहा जाता है सायनोसिस. वहीं शरीर में ऑक्सीजन की कमी से सिर्फ सायनोसिस ही नहीं कई अन्य समस्याएं जैसे फेफड़े ठीक से काम नहीं करते कारण साफ है ऑक्सीजन नहीं मिल पाता. जिससे और कॉम्प्लीकेशन होंठ नीले पड़ जाना नाखून नीले होना जैसी परेशानियां हो जाती है.
क्यों होती है ये समस्या
इन समस्या के पीछे का कारण है अस्थमा, निमोनिया या फिर फेफड़ों का इंफेक्शन आदि के कारण ये समस्या हो सकती है. दरअसल कई बार हमारा हार्ट शरीर में सही तरीके से ब्लड को पंप नहीं कर पाता. नतीजा हमारे कई ऑर्गन्स तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और खून कम पहुंचता है. इसकी वजह से नाखून नीले दिखाई देने पड़ते हैं. अगर नीले नाखूनों के साथ ये लक्षण भी हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
ठंड में होती है ये समस्या
आपको बता दें कि ठंड के मौसम में भी ये समस्या हो सकती है. ऐसा इसलिए ठंड के मौसम में हमारा ब्लड का सर्कुलेशन कम होता है. उंगलियां और नाखून नीले पड़ जाते हैं. कई लोगों को ठंड लगने पर ये बीमारी होती है. नतीजा हाथों की उंगलियां सफेद या फिर नीली हो जाती हैं. जान लेते हैं कि आखिर ये कब गंभीर हो जाता है तो अगर किसी व्यक्ति को ये समस्या बार-बार हो रही है? तो इसकी जांच करवा लेनी चाहिए. क्योंकि कई बार छोटे बदलाव भी बड़ी बीमारी का कारण बन सकते हैं.
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