Phytoestrogen Diet Benefits: हेल्दी डाइट के दौर में अब एक नई डाइट का चलन बना हुआ है. ये एक खास प्रकार की डाइट है जिसमें शरीर में डिसबैलेंस हार्मोनल को बैलेंस करती है. इसके अलावा ये डाइट बड़ी से बड़ी बीमारियों में भी लाभदायक मानी जाती है.
दरअसल ये डाइट फाइटोएस्ट्रोजन (Phytoestrogens) नाम से जानी जाती है. ये एक खास प्रकार का नेचुरल कंपाउंड है जो पेड़-पौधों में पाया जाता है, जिनकी रासायनिक संरचना शरीर में बनने वाले एस्ट्रोजन हार्मोन के समान होती है. वहीं जिनके शरीर में ये हार्मोन कम हो जाता है ये नेचुरल कंपाउंड उस एस्ट्रोजन हार्मोन का काम करता है. इसे डाइट में शामिल करने के अनेकों फायदे है.
फाइटोएस्ट्रोजन डाइट के फायदे
फाइटोएस्ट्रोजन डाइट शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. थायरॉइड, दिल की बामारी में फायदा पहुंचाती है. इस डाइट की सबसे बड़ी बात है कि ये शरीर में डिसबैलेंस हार्मोनल को बैलेंस करने में मदद करती है. गौरतलब है कि शरीर में हार्मोनल चेंज से व्यक्ति का मूड बेहतर रहता है.
- एक समय आता है जब महिलाओं में पीरियड्स बंद हो जाते हैं. पीरियड्स बंद होने से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है. अगर महिलाएं इस डाइट का सेवन करें तो मेनोपॉज के समय होने वाली समस्याओं में राहत मिलती है.
- फाइटोएस्ट्रोजन डाइट दिल के मरीजों के लिए भी फायदा पहुंचाती है. इसमें फाइबर और अच्छे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है.
- हड्डियों की मजबूती के लिए भी इस डाइट को फॉलो किया जा सकता है. कई लोगों को हड्डियों में दर्द की समस्या बनी रहती है. इस डाइट के सेवन से कमजोर हड्डियों में मजबूती आती है.
- इसके अलावा ये डाइट पाचन में सुधार करती है. जिन लोगों को कब्ज, गैस, एसिडिटी की समस्या रहती है वह इस डाइट को फॉलो कर सकते हैं.
किन पौधों से मिलेगी फाइटोएस्ट्रोजन डाइट
बता दें कि ये फाइटोएस्ट्रोजन नाम का कंपाउंड पौधों में पाया जाता है. आप इन्हें बीजों, फलियों, साबुत अनाज और कुछ फलों और सब्जियों से ले सकते हैं. आप इन्हें सोया प्रोडक्ट से ले सकते हैं. जैसे- सोयाबीन, टोफू (Tofu), सोया दूध और टेम्पेह (Tempeh) इसके सबसे अच्छे सोर्स हैं. इसके अलावा अलसी के बीज (Flaxseeds), तिल (Sesame Seeds) से भी इस कंपाउंड को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है कुछ खास प्रकार की फलियां और दालें जैसे- छोले (Chickpeas), राजमा और मसूर की दाल में ये नेचुरल रूप से भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो लोगो ड्राइ फ्रूट्स का सेवन करते हैं. वह खुबानी, खजूर और अंजीर से इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं. ब्रोकोली, फूलगोभी, और ब्रसेल्स स्प्राउट्स लहसुन, जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी में भी ये भरपूर मात्रा में मिल जाता है.
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