Psychosis symptoms: मश्हूर कॉमेडियन समय रैना अक्सर कॉमेडी से सभी को हंसाते हुए आ रहे हैं. हाल ही में यूट्यूब पर आई उनकी वीडियो के बाद समय एक बार फिर से वायरल हो रहे हैं. समय रैना ने करीब एक साल बाद जाकर वीडियो शेयर किया है. समय के वीडियो शेयर करने के बाद से ही एक बार फिर से मेंटल हेल्थ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
जानकारी के लिए बता दें कि समय रैना ने वीडियो में खुलासा किया था कि उनपर FIR जब हुई थी तो उन्हें साइकोसिस नाम की एक मेंटल हेल्थ कंडिशन से गुजरना पड़ा था. क्या होती है साइकोसिस कंडिशन? जिसमें समय को ये लगने लगा था कि हर पॉलिटीशियंस उनके खिलाफ है. फैंस भी उसके खिलाफ है. मीम्स बन रहे हैं, वो ट्रोल हो रहे हैं. समय को लगने लगा था कि वो किसी सपने में है या फिर ये असल में उनके साथ हो रहा है. क्या है ये कंडिशन आइए डिटेल में जानते हैं.
साइकोसिस क्या होता है?
अपनी वीडियो में समय ने एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया कि उन्हें कई चीजें दिखाई दे रही थी. वो समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर ये सब उनके साथ सच में हो रहा था या फिर ये महज एक सपना था. वो चीजों को छूकर देखना चाह रहे थे कि क्या ये असली है. ये क्या हो रहा है समय को समझ नहीं आ रहा था. आपको बता दें कि जब किसी के साथ ऐसी कंडिशन हो रही होती है उस कंडिशन को कहा जाता है साइकोसिस. जिसका शिकार समय रैना हो गए थे.
क्या साइकोसिस कोई बीमारी है?
ये भी जानना जरूरी है कि क्या साइकोसिस एक बीमारी है? एक्सपर्ट्स के अनुसार ये कोई बीमारी नहीं बल्कि एक मेंटल हेल्थ कंडिशन है. या फिर एक सिंड्रोम है. इस कंडिशन में व्यक्ति का माइंड जो सच में चल रहा होता है उससे कनेक्शन टूट जाता है. उसे ये नहीं समझ आता कि आखिर जो उसके साथ हो रहा है वो सच है या फिर झूठ जैसा समय रैना ने भी फील किया. इसे अगर और आसान भाषा में समझाया जाए तो व्यक्ति ऐसी कंडिशन का शिकार हो जाता है जो उसके सामने हो ही नहीं रही होती. यानी उसे भ्रम होने लगता है.
यहां जानें साइकोसिस के लक्षण
अब अगर साइकोसिस के लक्षणों की बात की जाए तो इसके 2 लक्षण होते हैं. पहला डिल्यूजन यानी व्यक्ति को ऐसी बातों पर यकीन होने लगता है. जो कभी हुई ही नहीं या फिर होने ही नहीं वाली होती. दूसरे लक्षण में है हलुसिनेशन यानी व्यक्ति को ऐसी आवाजें सुनाई देती है ऐसी चीजें भी दिखाई देने लगती हैं जो हुई ही नहीं होती. यानी उसे भ्रम होने लगता है. जो व्यक्ति इस कंडिशन का शिकार है उसके सोचने का भी तरीका पूरा बदल सकता है. उलझी हुई बातें करता है. अपने ऊपर से कंट्रोल भी खो देता है.
क्या है साइकोसिस का इलाज?
इस कंडिशन का इलाज मिल पाना मुश्किल है. लेकिन अगर आप समय रहते डॉक्टर से कंसल्ट करें और थेरेपी लें तो काफी हद तक राहत मिल सकती है. दरअसल ये एक ऐसी कंडिशन है जिसमें एंटी साइकोटिक दवाओं की मदद लेनी पड़ती है. जिससे की दिमाग के कैमिकल को बैलंस रखा जा सके. इतना ही नहीं कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) मरीज को हकीकत और भ्रम के बीच अंतर समझाने में मदद करती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


