Rajasthan Mysterious Fever Outbreak: राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दरअसल पिछले कुछ दिनों में लगातार कुछ बच्चों की मौते हुई. जिसने जिले में चिंता बढ़ा दी है. इतना ही नहीं मामले के सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्टिव ह चुका है. सीएम भजनलाल के निर्देश अनुसार स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट की टीम गांव-गांव पहुंच रही हैं.
जानकारी के अनुसार ये टीम गांव-गांव पहुंचकर बच्चों और परिवार वालों की जांच कर रही है. दरअसल पिछले कुछ समय में दो से चार साल के बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. जिससे बीमारी को लेकर रहस्य और गहरा गया है. वहीं इस मामले ने डर पैदा कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतक बच्चों में एक जैसे बुखार के लक्षण पाए गए थे.
सभी बच्चों में पाए गए एक जैसे लक्षण
बताया गया कि जिन पांच बच्चों की मौत हुई उनमें एक जैसे ही लक्षण दिखाई दिए जैसे पहले बुखार, उल्टियां. कुछ ही देर में हालत इतने बेकाबु हुए कि 24 घंटे के अंदर ही बच्चों की मौत हो गई. जिसके कारण मौके पर हड़कंप मचा और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है. वहीं इस स्थिती की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के एक्सपर्ट की एक टीम को भेजा गया.
ये टीम जमीनी स्तर पर जाकर बीमारी के कारणों की जांच कर रही है. टीम का मकसद है इस बीमारी के पीछे के रहस्य जानना है. जमीनी स्तर पर जाकर बीमारी का कारण पचा किया जाएगा. ताकि ये पता लगाया जा सके कि कहीं ये कोई इंफेक्शन तो नहीं. या फिर महज मौसमी बीमारी है.
चीफ सेक्रेटरी ने किया रिव्यू
जानकारी के अनुसार इस हालात पर चीफ सेक्रेटरी वी श्रीनिवास ने सोमवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौके पर हालात का रिव्यू किया. साथ ही विभागों के बीच लगातार मॉनिटरिंग और मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए प्रिंसिपल सेक्रेटरी (मेडिकल और हेल्थ) गायत्री राठौर ने कहा, “लक्षण दिखने वाले किसी भी बच्चे को तुरंत इलाज दिया जाएगा। गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बिना देर किए जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाना चाहिए.”
कहीं ये JE तो नहीं?
इस मिस्टीरियस बुखार को लेकर फिलहाल जांच की जा रही है. लेकिन एक सवाल ये भी आता है कि कहीं ये JE यानी जैपनीस एन्सेफलाइटिस तो नहीं. दरअसल ये एक ऐसी गंभीर स्थिती है जिसमें ब्रेन के अंदर सूजन आ जाती है. हालांकि ये तब होती है, जब या तो ब्रेन में वायरल या फिर बैक्टीरियल इंफेक्शन कारण हो. लेकिन कई बार ये शरीर के इम्यून सिस्टम से भी हमला करती है. जिसे ऑटोइम्यून एन्सेफलाइटिस कहा जाता है. इस बीमारी के वायरस मच्छर और टिक जैसे कीड़ों के काटने से भी फैल सकते हैं. कुछ मामलों में इसका कारण क्लियर नहीं हो पाता.
एन्सेफलाइटिस के लक्षण क्या है?
इनके लक्षणों की अगर बात की जाए तो बता दें कि अगर इस बीमारी को समय रहते नहीं पहचाना यानी इसका इलाज नहीं किया तो ये और भी जानलेवा हो सकता है. इस कारण तुरंत मेडिकल हेल्प लें. साथ ही इसके लक्षणों को पहचानें. शुरुआती लक्षण फ्लु जैसे होते हैं. जिनमें बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान या फिर कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ये कुछ समय के बाद गंभीर रूप भी ले सकते हैं. इसलिए सावधानियां बरतनी चाहिए. कई मामलों में मरीजों की जान भी जाने का खतरा रहता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


