Riyan Parag Vaping Viral Video: रियान पराग इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. इसके पीछे का कारण है उनका विडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल इस वीडियो में रियान ड्रेसिंग रूम में वेप करते हुए नजर आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार उनका ये वीडियो उस दौरान का है जब पंजाब के खिलाफ मैच के दौरान दूसरी पारी का 16वां ओवर खेला जा रहा था.
ठीक उसी समय लाइव कैमरे में उन्हें वेप पीते हुए कैद कर लिया गया. सोशल मीडिया पर जैसे ही वीडियो सामने आया तेजी से वायरल होने लगा और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे. दरअसल क्रिकेट स्टेडियम में स्मोकिंग पूरी तरह बैन होती है. हालांकि कई जगहों पर अलग से स्मोकिंग जोन बनाए गए होते हैं. लेकिन अधिक्तर स्टेडियम “टबैको-फ्री जोन” होते हैं.
भारत में बैन है वेपिंग
वहीं The Prohibition of Electronic Cigarettes Act 2019 के तहत भारत में भी वेपिंग पूरी तरह से बैन है. इस कानून का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या फिर जेल तक जाने की नौबत आ सकती है. लेकिन बावजूद इसके भारत में वेपिंग का काफी चलन है. लेकिन वेपिंग सेहत के लिए काफी खतरनाक होती है. सिगरेट पीने से भी अधिक खतरनाक हो सकती है वेपिंग. ऐसे में आइए जानते हैं कि इससे होने वाले नुकसान के बारे में.
वेपिंग से होने वाले नुकसान
अब इससे होने वाले नुकसान की अगर बात की जाए तो बता दें कि वेपिंग बॉडी से टॉक्सिक केमिकल्स, भारी मेटल्स और अधिक मात्रा में निकोटिन पहुंचाती है. नतीजा फेफड़े, दिल और दिमाग पर असर पड़ता है और इन्हें नुकसान पहुंच सकता है. वहीं अधिकतर वेप ऐसे होते हैं जिनमें निकोटिन होता है. जिसके कारण नशे की लत लग सकती है. बार-बार इसकी क्रेविंग होने लगती है. एक बार लत लग जाए तो इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है. कई रिपोर्ट्स में ऐसा खुलासा हुआ है कि वेपिंग से फेफड़ों को चोट पहुंच सकती है. कई मामलों में अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ सकती हैं.
कैसे सिगरेट से अधिक नुकसान पहुंचता है?
आपको बता दें कि कई वेप्स ऐसे होते हैं जिसमें निकोटीन की मात्रा सिगरेट से भी अधिक होती है, जो हेल्थ के लिए काफी खतरनाक हो सकती है. वहीं जब इसके कण हमारे फेफड़ोंं तक पहुंच सकते हैं, दिल में ब्लड फ्लो को भी कम कर सकता है. जो लोग लंबे समय तक वेपिंग करते हैं, उन्हें सांस लेने की परेशानी, फेफड़ों के क्षमता में कमी हो सकती है. जब निकोटीन का इनटेक किया जाता है तो ये हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ाता है. जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है. वहीं निकोटिन की लत से एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
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