Sehat Ki Khabar: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. भारत को उसकी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA मिल गई है. डीजीसीआई की ओर से इसे मंजूरी भी मिल चुकी है. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. गलती से मकड़ी काट ले तो क्या करना चाहिए. जानेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. मॉनसून के मौसम में क्यों आता है ज्यादा आलस जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
यहां देखें पूरा VIDEO:
भारत को मिली पहली डेंगू वैक्सीन
भारत को अपनी पहली डेंगू की वैक्सीन मिल गई है. जिसे DCGI यानी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से मंजूरी भी मिल चुकी है. इस मंजूरी का ये मतलब होता है कि इस दवा को भारतीय बजारों में आसानी से बेचा जा सकता है. जानकारी के लिए बता दें कि इस वैक्सीन को जापान की फार्मास्युटिकल कंपनी टकेडा ने तैयार किया है. वहीं 4 साल से 60 साल की उम्र के लोगों को लगाई जा सकती है. इस वैक्सीन के दो डोज लोगों को लगेंगे. दोनों डोज 0.5 मिलीलीटर के होने वाले हैं. जिसको पहला डोज लग जाएगा उसके तीन महीने बाद दूसरा डोज लगाने की तैयारी की जाएगी.
भारत में डेंगू की वैक्सीन होना और इसकी मंजूरी मिलना इसलिए भी अहम हो गया था क्योंकि इसी साल फरवरी तक भारत में 7 हजार मामले सामने आ चुके हैं. यहां तक की 10 मौतों के भी आंकड़े मिले है. पहले तक ये बीमारी सिर्फ मौसमी बीमारी मानी जाती थी. यानी मॉनसून के मौसम में ये ज्यादा बढ़ जाती थी. लेकिन अब इसे बेमौसम वाली बीमारी भी माना जाता है. इसलिए इसकी काफी जरूरत थी.
मकड़ी काट ले तो क्या करें
बारिश का मौसम हो रहा है. कीड़े-मकौड़े निकल आना काफी आम बात है. गलती से ऐसे मौसम में मकड़ी किसी को भी काट सकती है. ऐसे में क्या करना चाहिए? क्योंकि कुछ लोगों को इसका इलाज नहीं मालूम होता है. नतीजा घरेलू उपाय अपनाना खतरनाक भी साबित हो सकता है. इसलिए सावधानियां जानना जरूरी हो जाता है. इसलिए अगर कभी आप ऐसी सिचुएशन में फंसे तो सबसे पहले जहां मकड़ी ने काटा हो उसे साफ करें. ध्यान रहें पानी साफ होना चाहिए और कोशिश कीजिए कि उसे साबुन से धोएं. इससे इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है. स्किन भी पूरी तरह साफ हो जाती है.अब अगर दर्द सूजन, जलन महसूस हो रही हो तो उस जगह पर बर्फ की सिकाई 10 से 15 मिनट के लिए करें. ध्यान रखें बर्फ डिरेक्टली आपके स्किन के कॉन्टैक्ट में न आए. क्योंकि ऐसा करने से स्किन को नुकसान पहुंचता है.
मॉनसून में क्यों आता है आलस?
बारिश का मौसम है तो कई लोग आलस महसूस करते हैं. सुस्ती, नींद, आलसपन मानों जानें का नाम न ले रहा हो. पूरे दिन थकान महसूस होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे मौसम में धूप का कॉन्टैक्ट नहीं हो पाता है जो हमें इस समस्या का शिकार बनाता है. दरअसल मॉनसून के मौसम में नमी काफी ज्यादा बढ़ जाती है. और धूप नहीं मिल पाती है. इससे लाइफस्टाइल खराब होता है, नींद के पैटर्न में बदलाव आता है. क्योंकि लगातार बादल जब छाए रहते हैं, ये हमारे बॉडी को संकेत देता है कि रात है. या फिर सोने का समय है. क्योंकि आंतरिक घड़ी जिसे सर्केडियक रिद्म कहा जाता है. उसपर असर पड़ता है.
यह भी पढ़ें: 61 करोड़ लोग कमर दर्द से परेशान, सलमान खान की हेल्थ पर अपडेट और हार्ट अटैक-पैनिक अटैक का फर्क
यहां देखें पूरा VIDEO:

