Shigella Infection Alert: केरल में शिगेला वायरस को लेकर अलर्ट जारी हुई है. दरअसल इस वायरस से 4 साल के मासूम की जान चली गई. जिसके बाद राज्य में अलर्ट जारी किया गया. आपको बता दें कि तेजी से फैलने वाला ये इंफेक्शन छोटे बच्चों को ज्यादा अफेक्ट करता है. इसलिए चिंता और भी बढ़ी है.
शिगेला इंफेक्शन को शिगेलोसिस भी कहा जाता है. ये एक ऐसा इंफेक्शन है जो आंतों को प्रभावित करता है और यदि संक्रमित व्यक्ति के खाने, पीने या फिर उसके संपर्क में कोई दूसरा व्यक्ति आ जाए तो ये दूसरे व्यक्ति में भी तेजी से फैल सकता है. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर इस इंफेक्शन से कैसे बचा जाए? इसके लक्षण क्या है और किन लोगों को सबसे अधिक खतरा रहता है.
शिगेला वायरस के लक्षण क्या होते हैं?
अपने आप को हाइड्रेट रखते हुए और जरूरी एहतियात बरतकर आप इस इंफेक्शन से आसानी से बच सकते हैं. शिगेला एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है जो सीधे डाइजेस्टिव सिस्टम पर डालता है. डाइजेस्टिव सिस्टम में सूजन पैदा करता है. कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आता है तो उसे दस्त लग सकते हैं. पेट में दर्द हो सकता है, जी मिचलाने की समस्या हो सकती है, उल्टी आती है या फिर बुखार की समस्या होने लगती है. कुछ मामलों में खूनी दस्त की समस्या भी देखी गई है जो शरीर में भयंकर पानी की कमी पैदा कर देता है. इसलिए अगर कंडिशन ऐसी है तो जरूर डॉक्टर से जांच करवाएं.
कैसे फैलता है ये गंभीर इंफेक्शन?
अब जान लेते हैं कि आखिर ये इंफेक्शन फैलता कैसे है, तो इसका जवाब है कि ये गंदगी वाली जगह में रहने से फैल सकता है. अगर कोई व्यक्ति बैक्टीरिया वाले खाने को गलती से खा ले, हाथ साफ न रखें और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाए तो ये इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है. खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों से ये तेजी से फैलता है.
इन लोगों को रखना चाहिए अधिक ख्याल
वहीं ये भी जानना जरूरी है कि आखिर किन लोगों को अधिक ख्याल रखना चाहिए? खासतौर पर 5 साल से छोटे बच्चें इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं. इतना ही नहीं जिन लोगों की इम्यूनिटी सिस्टम काफी कम है, बच्चों में डिहाइड्रेशन भी जल्दी होती है जोकि शिगेलोसिस के कॉम्प्लिकेशंस में शामिल है. बूढ़े लोग भी शिगेला इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं. उम्र बढ़ने के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है.
इंफेक्शन से कैसे होगा बचाव?
इस इंफेक्शन से बचाव के तरीकों की अगर बात करें तो अपने हाथों को साबुन से पानी से धोएं, किसी भी सर्फेस को हाथ लगाने के बाद हाथों को धोना न भूलें, साफ पानी पिएं, फ्रेश खाना ही खाएं, फल-सब्जियों को अच्छे से साफ करके खाएं. बच्चों को सिखाएं कि टॉयलेट में या बाहर किस तरह हाथों को धोया जाता है.
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