होमHealth Newsक्या 2030 में नहीं हो पाएगा भुखमरी का खात्मा? UN की इस...

क्या 2030 में नहीं हो पाएगा भुखमरी का खात्मा? UN की इस रिपोर्ट ने जताई चिंता

SOFI 2026 रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में भूख कम हुई है, लेकिन 64.5 करोड़ लोग अब भी भूखे हैं। जानें UN ने 2030 के 'जीरो हंगर' लक्ष्य को लेकर क्या चेतावनी दी.

SOFI 2026 Report: संयुक्त राष्ट्र (UN) की पांच प्रमुख एजेंसियों की ओर से स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड (SOFI 2026) रिपोर्ट जारी की है. ये रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में लगातार तीसरे वर्ष दुनिया में भूख का सामना करने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है.

रिपोर्ट्स बताती है कि फिलहाल की स्थिती को देखते हुए साल 2030 तक दुनिया से भूख खत्म करने का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा. आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में दुनियाभर में 7.8 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 64.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित रहे थे.

इतने करोड़ लोग प्रभावित थे

आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में दुनियाभर में 7.8 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 64.5 करोड़ लोग भूख से प्रभावित रहे थे. साल 2024 में ये आंकड़ा 8.1 प्रतिशत था, और 2022 में 8.6 जो ये दर्शाता है कि कितनी तेजी से गिरावट आई है. अब 2024 के आंकड़ों के मुकाबले करीब 1.4 करोड़ और 2022 के मुकाबले लगभग 4.3 करोड़ कम लोग भूख का सामना कर रहे हैं. इससे यह साफ होता है कि वैश्विक स्तर पर हालात में सुधार हो रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार अभी भी बहुत तेज नहीं है.

इन देशों में आई कमी

हालांकि यह सुधार दुनिया के सभी हिस्सों में समान रूप से नहीं दिख रहा. रिपोर्ट बताती है कि एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन देशों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भूख के मामलों में लगातार कमी आई है. वहीं दूसरी ओर अफ्रीका अब भी सबसे ज्यादा प्रभावित महाद्वीप बना हुआ है. यहां करीब 30.9 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं, जबकि एशिया में यह संख्या करीब 29.2 करोड़ है. अफ्रीका में भूख की दर में मामूली कमी जरूर आई है, लेकिन तेजी से बढ़ती आबादी के कारण वहां कुल भूखे लोगों की संख्या अब भी सबसे अधिक बनी हुई है.

इतने अरब लोगों को नहीं मिल पाया पौष्टिक खाना

रिपोर्ट में सिर्फ भूख ही नहीं, बल्कि खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) की स्थिति पर भी चिंता जताई गई है. इसके मुताबिक, साल 2025 में दुनिया के लगभग 2.1 अरब लोगों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाया. ऐसे लोगों को कई बार भोजन की गुणवत्ता या मात्रा से समझौता करना पड़ा. यह संख्या पिछले कुछ वर्षों की तुलना में जरूर घटी है, लेकिन अब भी कोरोना महामारी से पहले के स्तर से ज्यादा बनी हुई है.

क्षेत्रीय स्तर पर देखा जाए तो अफ्रीका की आधे से ज्यादा आबादी खाद्य असुरक्षा से प्रभावित है. वहीं एशिया और लैटिन अमेरिका में भी बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. इसके विपरीत उत्तरी अमेरिका और यूरोप में यह स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है. रिपोर्ट यह भी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग शहरों के मुकाबले ज्यादा प्रभावित हैं. महिलाओं पर भी खाद्य असुरक्षा का असर पुरुषों की तुलना में अधिक देखा गया, हालांकि दोनों के बीच का अंतर पहले के मुकाबले कुछ कम हुआ है.

युद्ध बना बड़ी चुनौती

रिपोर्ट में मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष को भी भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बताया गया है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि यदि युद्ध, खाद्य महंगाई, ऊर्जा और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों जैसी परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो 2030 तक भी दुनिया में 51 से 52 करोड़ लोग भूख का सामना कर सकते हैं. हालांकि इस अनुमान में भविष्य में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं, जैसे एल-नीनो, के संभावित प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है. अगर ऐसी परिस्थितियां बनती हैं तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.

पांच एजेंसियों ने मिलकर किया काम

इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र की पांच एजेंसियों FAO, IFAD, UNICEF, WFP और WHO ने मिलकर तैयार किया है. इन एजेंसियों का कहना है कि युद्ध, जलवायु परिवर्तन, चरम मौसम की घटनाएं और मानवीय सहायता में कमी जैसी चुनौतियां दुनिया से भूख खत्म करने की दिशा में हो रही प्रगति को कमजोर कर सकती हैं.

रिपोर्ट में बच्चों और महिलाओं के पोषण को लेकर भी चिंता जताई गई है. इसमें कहा गया है कि दुनिया अभी भी 2030 के वैश्विक पोषण लक्ष्यों से काफी पीछे है. पांच साल से कम उम्र के करीब 15 करोड़ बच्चे अब भी बौनेपन (Stunting) का शिकार हैं. वहीं छह से 23 महीने की उम्र के केवल 30.8 प्रतिशत बच्चों को ही पर्याप्त और विविध प्रकार का भोजन मिल पा रहा है. दूसरी ओर 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि वयस्कों में मोटापा भी तेजी से बढ़ा है. साल 2012 में मोटापे की दर 12.1 प्रतिशत थी, जो 2024 तक बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गई.

यह भी पढ़ें: Biological Aging: उम्र सिर्फ कैलेंडर में नहीं बढ़ती, शरीर के अंदर भी बढ़ती है! रिसर्च से समझें

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

author avatar
sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं Expert

Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: क्या बुखार में नहाने से बुखार बढ़ जाता है? जानें डॉक्टरों की सलाह, कब गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में नहाना टाल देना चाहिए.

20–35 की उम्र में बढ़ रहा Fatty Liver, हाई BP बना साइलेंट किलर, दीपिका कक्कड़ के कैंसर पर बड़ा अपडेट

Sehat Ki Khabar में जानिए 20–35 साल के लोगों में बढ़ते Fatty Liver के मामले, हाई BP क्यों है साइलेंट किलर और दीपिका कक्कड़ के स्टेज-2 लिवर कैंसर का नया अपडेट.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं Expert

Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: क्या बुखार में नहाने से बुखार बढ़ जाता है? जानें डॉक्टरों की सलाह, कब गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में नहाना टाल देना चाहिए.

खाना नहीं खा पा रही एक्टर दीपिका कक्कड़, जानें हेल्थ अपडेट, देखा पूरा वीडियो

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: सेहत की खबर फिट रहे इंडिया में हम जानेंगे आज की तीन बड़ी खबरों के बारे में.

घर-मंदिरो में जलने वाली धूपबत्ती से हो सकता है Air Pollution! Dr. Arvind Kumar से जानें

Lung Health Expert: दिल्ली छोड़ देने से प्रदूषण से बचा जा सकता है? पहाड़ी इलाकों की हवा भी अब पहले जैसी शुद्ध नहीं रही? डॉ. ने कई मिथकों का खुलासा किया.

Recent Comments