How do I know my biological age: आज का बदलता लाइफस्टाइल हमारी सेहत के लिए इस हद तक खराब हो सकता है कि वह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकता है. दरअसल वशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन ने एक नई स्टडी की है जिसमें उन्होंने पाया कि आज की युवा पीढ़ी तेजी से बूढ़ी हो रही है.
बता दें कि कैंसर को बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था लेकिन आज के समय में कई युवा पीढ़ी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ चुकी है. ऐसे में साइटिंस्टों इस बात को लेकर रिसर्च में जुटी आखिर कम उम्र में शरीर कैंसर जैसी बीमारी खतरनाक बीमारी की चपेट में क्यों आ रहा है? वहीं साइटिंस्टों ने रिसर्च में पाया गया कि, युवा पीढ़ियों का शरीर Biological Aging यानि शरीर की अंदरूनी उम्र पिछली पीढ़ियों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है. इसलिए उनमें बीमारियों का जोखिम उम्र से पहले बढ़ रहा है.
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क्या होती है Biological Aging?
एक्सपर्ट कहते हैं कि हमारी उम्र का अनुमान दो तरह से लगाया जाता है. पहला होता है Chronological Age, क्रोनोलॉजिकल एज (Chronological Age) दूसरा बायोलॉजिकल एज (Biological Age ) जिसे जैविक आयु भी कहते हैं.
क्रोनोलॉजिकल एज (Chronological Age): क्रोनोलॉजिकल एज, वह उम्र है जो आपकी जन्म से लेकर अब तक की उम्र के हिसाब से लगाई जाती है. यानि कैलेंडर के हिसाब से लगाई जाने वाली उम्र.
Biological Age (बायोलॉजिकल एज): बायोलॉजिकल एज, वह उम्र है जो कि आपका शरीर अंदर से कितना जवान या बूढ़ा है. इसका हिसाब लगाना यानि कोशिकाएं, अंग और शरीर की मरम्मत करने की क्षमता कितनी अच्छी है. इसे बायोलॉजिकल एज कहा जाता है. शरीर की इम्यूनिटी पावर कितनी बेस्ट है.
उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति की उम्र 40 साल है, लेकिन उसके शरीर के अंदर के संकेत (जैसे कोशिकाओं की स्थिति, सूजन, मेटाबॉलिज्म और अंगों की कार्यक्षमता) 50 साल के व्यक्ति जैसे दिखते हैं, तो उसकी Biological Age 50 साल मानी जा सकती है. यानि उसका शरीर अंदर से बूढ़ा हो चुका है. उसमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो चुकी है.
कैंसर और बूढ़ापे का संबंध
शरीर के अंदर की कार्यक्षमता अगर धीमी हो जाती है तो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है. रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों में बायोलॉजिकल एजिंग देखी गई उनमें कैंसर का खतरा बढ़ा हुआ पाया गया है.
शरीर की बायोलॉजिकल एज कम होने के कारण
आज की युवा पीढ़ी का शरीर अंदर से क्यों कमजोर हो रहा है? इसके पीछे सीधा संबंध लाइफस्टाइल और तेजी से बदलता वातावरण से लगाया जा रहा है. वहीं मोटापा, खराब खाना-पीना, शारीरिक गतिविधि की कमी, शराब का सेवन, मेटाबॉलिक समस्याएं, लंबे समय तक तनाव, बदलता पर्यावरण शरीर के अंदर की कोशिकाओं पर गहरा असर डालती है जिसके कारण शरीर अंदर से तेजी से बूढ़ा हो रहा है. उसकी बायोलॉजिकल एज कम हो रही है.
शरीर की बायोलॉजिकल एज होगी बेहतर
आपके शरीर की बायोलॉजिकल एज बेहतर होगी, इसके लिए रोजाना एक्सरसाइज करें. संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार लें, पर्याप्त नींद (7–8 घंटे) लें, स्ट्रेस कम लें. शराब, एल्कोहॉल जैसी चीज़ों का सेवन करने से बचें. इसके अलाव अपना वेट मैनेज करें. ब्लड शुगर का चेकअप करते रहें. समय-समय पर हेल्थ चेकअप करात रहें. हेल्दी लाइफस्टाइल और खान पान से आप शरीर की कोशिकाओं को हेल्दी रख पाएंगे.
रिसर्च के अनुसार Biological Aging को पहचानने का सबसे आसान तरीका है, अपने आसपास ऐसे लोगों को देखें जिन्हें कम उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो गई है. अगर ये कहा जाए कि उम्र सिर्फ कैलेंडर में नहीं बढ़ती, शरीर के अंदर भी बढ़ती है. तो कहना गलत नहीं होगा. अगर आपका शरीर वास्तविक उम्र से ज्यादा तेजी से बूढ़ा हो रहा है, तो यह भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

