Tuberculosis In Women: टीबी फेफड़ों की बीमारी माना जाता है. वहीं अब तक इसे लाइलाज बीमारी माना जाता था. लेकिन ये उससे भी खतरनाक साबित हो सकता है. महिलाओं में ये बीमारी साइलेंट किलर बनकर सामने आ रही है. हालांकि इसके लक्षण सामने नहीं आते. जिस कारण ये लंबे समय तक बीमारी छिपी हुई रहती है. वहीं क्योंकि ये बीमारी हवा के जरिए फैलती हैं, क्योंकि ये एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है.
अगर ऐसे व्यक्ति जो पहले से इसकी चपेट में है, अगर वो छींकते हैं, खांसते हैं या फिर कहीं थूकते हैं, तो इसका इंफेक्शन दोसूरों तक पहुंचने का खतरा हो सकता है. इसका इलाज भी मौजूद है. पूरी तरह से ठीक हो सकती है, हालांकि समय पर अगर इसकी पहचान न की जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकता है. सरकार भी टीबी पर कंट्रोल पाने के लिए कई अथक प्रयास कर रही हैं.
सरकार ने की अहम पहल की शुरुआत
आपको बता दें कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने टीबी के खिलाफ जंग लड़ने और उसे और मजबूत बनाने के लिए एक अहम पहल की शुरुआत की. एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने TB मुक्त भारत ऐप और खुशी जो AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया है. जानकारी के लिए बता दें कि खुशी एक स्मार्ट AI टूल है. इसे खासतौर पर टीबी मरीजों, हेल्थकेयर वर्कर्स, निःक्षय मित्रों और वॉलंटियर्स के लिए तैयार किया गया है.
ऐसे में जान लेते हैं कि आखिर इसमें खास क्या है, तो बता दें कि दवाइयों की समय पर याद दिलवाने की सुविधा, नजदीकी हेल्थ सेंटर ढूंढने में मदद मिलेगी, 12 क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी, मरीजों के लिए पर्सनलाइज्ड सपोर्ट. इस पहल का मकसद है टीबी से जुड़ी जानकारी को आसान बनाना, मरीजों तक सही समय पर मदद पहुंचाना और इलाज के दौरान उनकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करना. इस तरह की टेक्नोलॉजी से भारत का टीबी के खिलाफ अभियान और मजबूत होगा, और ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी.
महिलाओं में होता टीबी का खास रूप
महिलाओं में टीबी का एक खास रूप होता है. ये जानकारी क्लाउडनाइन केयर की ओर से दी गई है. टीबी का इस खास रूप को फीमेल जेनिटल टीबी कहा जाता है. ये खासतौर पर प्रजनन अंगों पर अफेक्ट डालता है. वहीं ये बीमारी इसलिए भी खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इसके लक्षण काफी साफ नहीं होते हैं. कुछ मामलों में महिलाओं को ये तक नहीं पता चलता कि वो किसी इंफेक्शन का शिकार हैं. कुछ केस में मामले गंभीर हो जाते हैं, तब जाकर इनके बारे में खुलासा हो पाता है. लेकिन तब तक स्थिती काफी गंभीर हो जाती है.
यहां जानें इसके लक्षण
वहीं टीबी के लक्षणों की बात की जाए तो इसमें बुखार, रात में पसीने आना, वजन कम होना या फिर भूख न लगना. इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. हालांकि ये काफी सामान्य लक्षण है, कई अन्य बिमारियों में भी ऐसे ही लक्षण दिखाई दे सकते हैं. यही कारण है कि इसे पहचान नहीं कर पाते. अब ये जान लेते हैं कि आखिर ये स्थिती किन में देखी जाती है, तो जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, डायबिटीज, HIV या फिर जिनका लाइफस्टाइल काफी खराब रहता है.
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